कलेक्टर से लेनी होगी अनुमति

भोपाल,

मप्र में अब फिल्म, सीरियल्स, नाटक या रियलिटी शो में बाल कलाकारों से निर्माता-निर्देशक दिन में 5 घंटे और महीने में 27 दिन से ज्यादा काम नहीं करा सकते हैं. इसके लिए निर्माता-निर्देशक और बाल कलाकार के पालकों को कलेक्टर से अनुमति लेनी होगी.

बाल कलाकारों को शोषण से बचाने राज्य बाल संरक्षण आयोग भी मॉनिटरिंग करेगा. दोषी पाए जाने पर 20 से 50 हजार रुपए का जुर्माना और 2 साल तक की सजा का प्रावधान है.

जानकारी के अनुसार अभी कुछ महीने पहले राजधानी का बाल कलाकार सक्षम शर्मा का चयन टीवी चैनल के रियालिटी शो के लिए हुआ था. इसमें मुंबई में रात ढ़ाई बजे सक्षम से ऑडिशन लिया जा रहा था. इस दौरान बच्चे को लगातार नींद आ रही थी, जिसका माता-पिता ने विरोध किया था.

इसी तरह के कुछ अन्य मामले भी सामने आए हैं. इसके चलते केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्रालय ने बाल श्रम (प्रतिशेष और विनियमन) संशोधन अधिनियम 2017 में बाल श्रम और इसमें होने वाले शोषण को रोकने के लिए प्रावधान किए हैं. इसमें बाल कलाकारों को शोषण से बचाने विशेष नियम बनाए गए हैं. राजधानी में बाल कलाकारों की संख्या 2 हजार से ज्यादा है. इस अनिधियम के तहत निगरानी कलेक्टरों द्वारा की जाएगी.

कलेक्टर को देना होगा शपथ पत्र

किसी व्यावसायिक या आडियो-वीडियो कार्यकम जिसमें बाल कलाकार काम कर रहे हैं, उसके लिए निर्माता को जहां आयोजन होगा वहां के कलेक्टर से अनुमति लेनी होगी. इसके बाद ही बाल कलाकार को शामिल किया जा सकेगा. अनुमति के लिए कलेक्टर को आवेदन के साथ पालक की सहमति, कार्यक्रम की जानकारी और बच्चों की सुरक्षा के लिए उत्तरदायी व्यक्ति की पूरी जानकारी देनी होगी. इसके साथ ही बाल शोषण नहीं किए जाने का शपथ पत्र भी देना होगा.

आय का 20 फीसदी करना होगा बैंक में जमा

नए नियम के तहत बाल कलाकार जिस कार्यक्रम में काम कर रहे हैं उसकी अर्जित आय की 20 फीसदी राशि किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में बच्चे के खाते में जमा की जाएगी. यह राशि बच्चे को वयस्क होने पर मिलेगी. इसके अलावा बाल कलाकारों के शिक्षा के लिए भी नियम बनाए गए हैं.

आयोग मॉनिटरिंग करेगा

बाल शोषण पर अंकुश लगे इसके लिए बाल आयोग मॉनिटरिंग करेगा. अगर शिकायत मिलती है तो मामले को संज्ञान में लिया जाएगा.
-राघवेन्द्र शर्मा, अध्यक्ष राज्य बाल संरक्षण आयोग

केंद्र से आया है अधिनियम

यह अधिनियम केंद्र से आया है. इसके लिए सभी जिलों के कलेक्टर टास्क फोर्स समिति के अध्यक्ष हैं, इसलिए उनकी निगरानी में इस अधिनियम का पालन होगा.
-जैसमीन अली सितारा, असिस्टेंट लेबर