गठित की अलग-अलग टीमें,निरंतर शहर में सक्रिय रहने दिए निर्देश

  • समारोह पर रहेगी निगाह

नवभारत न्यूज भोपाल,

बाल विवाह को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने कड़े कदम उठाये है. इसके लिए जिलाधीश सुदामा खाड़े ने बाल विवाह रोकने अलग-अलग टीमों का गठन कर उन्हें जिम्मेवारियां सौंपी है.

गठित टीम शहर में अक्षय तृतीया और इसके आसपास की तारीखों में पूरे जिले में होने वाले विवाह आयोजनों पर निगाह रखेंगी. जहां भी बाल विवाह होता पाया जायेगा. उनके आयोजकों अभिभावकों पर कड़ी कार्यवाही की जावेगी. इसके लिए जिला प्रशासन ने एक माह पूर्व ही बाल विवाह रोकने की योजना तैयार कर ली थी. इसी के तहत वर्तमान में भी शहर में होने वाले आयोजनों पर गठित टीम पूरी निगह रख रही है.

गठित टीम रखेंगी निगाह

अक्षय तृतीया और इसके आसपास होने वाले विवाहों की तारीखों में बाल विवाह न हो इसके लिए गठित विकासखंड स्तर पर अनुविभागीय दण्डाधिकारी की अध्यक्षता में गठित टीमें भोपाल के शहरी ग्रामीण इलाकों में सभी आयोजनों पर निगाह रखेगी.जहां भी बाल विवाह होना पाया जाएगा. वहां गठित टीम बाल विवाह रूकवाएंगी. और संबंधितों पर कार्यवाही करेंगी.

निमंत्रण-पत्र में वर-वधु की आयु अनिवार्य

जिला प्रशासन ने इसी मुहिम के तहत बाल विवाह रोकने की पहल पर एक निर्देश दिए गए कि अब विवाह के निमंत्रण-पत्र में वर-वधु की जन्मतिथि लिखना अनिवार्य होगी. विवाह के निमंत्रण पत्र प्रिंट करते समय प्रिंटर्स की जिम्मेदारी है कि वह शादि के निमंत्रण-पत्र में वर-वधु की आयु का उल्लेख अवश्य करें.

यदि कहीं पर बाल विवाह होना पाया गया , तो विवाह का निमंत्रण पत्र छापने वाले प्रिंटर्स, वर-वधु पक्ष के अभिभावकों सहित समारोह में शामिल होने बैंड बाजा पार्टी व अन्य जिम्मेवारों के खिलाफ बाल विवाह निषेध अधिनियम के तहत अपराध दर्ज किया जाएगा.

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