नए बासमती चावल 1121 की आवक तो शुरू हो गई है, लेकिन माल की कमी से इसकी टुकड़ी महंगी बिक रही है. हालांकि पिछले साल से भाव फिर भी कम है.
कारोबारियों के अनुसार इस साल धान की फसल अच्छी होने के साथ बासमती चावल की क्वालिटी और खुशबू भी अच्छी निकली है. बस इस चावल की टुकड़ी कम निकली है. इसलिए टुकड़े के भाव ऊंचे है. व्यवसायी जयप्रकाश सचदेव ने बताया कि नया चावल 1121 कोहिनूर काफी रायल 6811 रुपए क्विंटल बिका.

पिछले साल यही चावल 8500 रुपए क्विंटल था. इस साल क्वालिटी अच्छी है और मांग को देखते हुए 10-15 रुपए किलो और तेजी की धारणा है. इस बार इस चावल के टुकड़े कम निकले है. इसलिए 17-18 रुपए वाला टुकड़ी चावल 20-25 रुपए किलो बिक रहा है. मांग अच्छी और माल की अछत है. ऐसे में आगे तेजी की धारणा बन रही है. इसलिए आम उपभोक्ता के लिए अभी खरीदी का उचित समय है.

बाहर की दाल सस्ती
आयातीत तुवर दाल सस्ती मिल रही है, पर यह ज्यादा मीठी और जल्दी खराब होने जाने के कारण सस्ती है. इसे पूरे साल के लिए नहीं रखा जा सकता है. इसलिए यह दाल 120-125 रुपए किलो थोक में बिक रही है, जबकि नई देशी तुवर दाल की आवक भी शुरू हो गई है. इसकी क्वालिटी सालभर रखने लायक होती है. इसलिए ये थोक में 150-155 रुपए किलो बिक रही है.

पहचान मुश्किल
खेरची किराना दुकानदार बाहर और लोकल देशी दाल की पहचान नहीं कर पा रहे हैं. वह बाहर की सस्ती दाल ही ऊंचे दाम पर बेचकर मोटा मुनाफा कमा रहे हैं.

सौदे कम
दाल को लेकर अभी भी व्यापारियों में घबराहट होने के कारण नई देशी तुवर दाल के सौदों में कमी आई हैं. बाजार के हालात ठीक होने पर ही कारोबारी चाल मिलेगी. राजस्थान से मूंग मोगर की आवक हो रही है. उड़द मोगर भी राजस्थान और टिकमगढ़ से आ रही है. मसूर दाल में तेजी-मंदी का रुख देखा जा रहा है. चना दाल का भविष्य तेजी का माना जा रहा है.

उज्जैन का पौहा महंगा
उज्जैन के पोहे की क्वालिटी हल्की होने के साथ यह महंगा भी है. इसलिए मांग में कमी आई है, जबकि भाटावाडा के पोहे की अच्छी के साथ भाव भी कम होने से इसमें मांग बनी हुई है. उज्जैन का पोहा 28-29 रुपए भाटावाड़ा का पोहा 25 रुपए किलो थोक में बिक रहा है. टॉप एंड टेस्टी एक किलो में 32.50, आधा किलो में 33 रुपए है.

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