नयी दिल्ली,   राज्यसभा के सभापति एम. वेंकैया नायडु ने मनमोहन मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के माफी की कांग्रेसी सदस्यों की माँग यह कहते हुये खारिज कर दी कि सदन के बाहर दिये गये बयान के लिए सदन में माफी नहीं मांगी जा सकती है।

श्री नायडु ने इस मुद्दे पर प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस सदस्यों के हंगामे के दौरान यह बात कही। शून्यकाल में भी इसी मुद्दे पर स्थगन के बाद प्रश्नकाल शुरू होते ही कांग्रेस सदस्य सदन के बीचों-बीच आ गये और ‘प्रधानमंत्री माफी मांगें’ के नारे लगाने लगे। इस पर सभापति ने कहा कि जब बयान सदन में नहीं दिया गया है तो यहाँ माफी माँगने का सवाल ही नहीं उठता। हंगामा कर रहे कांग्रेस सदस्यों को प्रश्नकाल चलने देने की अपील करते हुये श्री नायडु ने कहा कि कोई भी व्यक्ति माफी नहीं मांगेगा। सदन में कोई बयान नहीं दिया गया है।

उन्होंने कहा कि बाहर दिये गये बयान के लिए सदन में कार्य स्थगन की परंपरा नहीं है। इसके बाद उन्होंने सदन की कार्यवाही दोपहर बाद दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

इस मुद्दे के समाधान के लिए सरकार और विपक्ष के बीच मंगलवार को वार्ता हुयी थी, लेकिन उसके बेनतीजा रहने के कारण कांग्रेस सदस्यों ने आज फिर इस मुद्दे को सदन में उठाया। शीतकालीन सत्र में अब तक चार दिन में से मात्र एक दिन ही कार्यवाही सुचारू तरीके से चली है और शेष तीन दिन कोई कामकाज नहीं हो सका है।

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