bpl1भोपाल,  इंजीनियरिंग की एक स्टूडेंट नैंसी वर्मा ने पानी से बिजली बनाने की एक नई तकनीक इजाद की है. इस तकनीक में बिजली बनाने के लिए बड़े-बड़े बांध बनाने की जरूरत नहीं होगी.

नैंसी के इस मॉडल के पेटेंट को भारत सरकार ने स्वीकार कर लिया है. बकौल नैंसी इस तकनीक से बांध की अपेक्षा चार गुना ज्यादा बिजली पैदा होगी. उसने अपनी थ्योरी में छह मीटर आकार के एक जैसे चार रिजर्वायर टैंक का इस्तेमाल किया है. पहले टैंक के ऊपरी हिस्से में एक रेम लगाई गई है जो बाहरी प्रेशर पैदा करती है. इस टैंक से पानी टरबाइन पर जाकर गिरता है और टरबाइन घूमने लगता है, इससे बिजली पैदा होने लगती है. टरबाइन को टैंक से दो मीटर की ऊंचाई पर लगाया गया है.

टरबाइन से टकराने के बाद पानी दूसरे टैंक में चला जाता है. फिर पहले टैंक वाली प्रक्रिया दूसरे टैंक में आरंभ हो जाती है. इस तरह पानी तीसरे और फिर चौथे टैंक में जाता है और यही प्रक्रिया जारी रहती है. चौथे टैंक से पानी फिर पहले टैंक में आ जाता है. इस प्रक्रिया से बांध के मुकाबले चार गुना ज्यादा बिजली पैदा की जा सकती है और लागत भी काफी कम आएगी.

क्योंकि बांध में एक बार उपयोग किए गए पानी का दोबारा उपयोग नहीं किया जा सकता, लेकिन इसमें चार बार उपयोग होता है. नैंसी का दावा है कि उनका डिजाइन बिजली बनाने में आने वाली बहुत सी मुश्किलों को आसान कर देगा. उन्होंने इस मॉडल को आरएमएन हाइड्रो पावर प्लांट नाम दिया है. नैन्सी राजधानी के राधारमण इंस्टीट्यूट ऑफ रिसर्च एंड टेक्नोलॉजी में बीई फोर्थ ईयर की स्टूडेंट है.

Related Posts: