• स्टूडेंट्स ने पेश किया ऑटोसिन्क्रो-नाइजिंग ट्राफिक सिस्टम
  • हैकाथान में टीआईटी के छात्रों ने बनाई स्मार्ट कंजेशन प्रबंधन प्रणाली

भोपाल,

शहरों में ट्राफिक जाम होने की समस्या आम है चौराहों पर लगे संकेतकों में वाहनों के आवागमन के लिए समय फिक्स होता है चाहे यातायात का दबाव कम हो अथवा अधिक इससे अक्सर जाम की स्थिति बन जाती है.

हम लोगों ने एक ऐसा सिस्टम ईजाद करने का प्रयास किया है जिससे स्वयं समय सिंन्क्रोनाइज हो जाएगा. यह दावा राजधानी के नूर उस सबा होटल में चल रहे हैकाथान में टीआईटी कालेज के छात्रों ने किया. साथ ही छात्रों ने दावा किया कि वह एंबुलेंस नेविगेशन सिस्टम तैयार किया है जिससे एंबुलेंस अथवा फायरब्रिगेड के आते ही ट्राफिक सिग्रल लाल हो जाएगा.

भोपाल स्मार्ट सिटी प्राधिकरण द्वारा आयोजित किए गये इनोवेशन कार्यक्रम में देश भर के 200 से अधिक युवाओं ने अपने मॉडल पेश किया.

इंदौर के स्वामी विवेकानंद कॉलेज से आए इंजीनियरिंग के छात्रों ने मिट्टी के परीक्षण के लिए उपकरण तैयार किया है जिससे किसान स्वयं मृदा का परीक्षण कर सकते हैं. स्टूडेंट्स ने दावा किया कि किसान घर बैठे मोबाइल के माध्यम से अपने खेत की मिट्टी की उर्वरता एवं नमी की जानकारी ले सकते हैं.

उन्होंने कहा कि सॉइल मोइश्चर सेंसर बताएगा कि खेत की सिंचाई करनी है अथवा नहीं. स्टूडेंटस ने कहा कि हमने ऐसा संकेतक विकसित किया है जो कि पीएच मान यानी जमीन की अम्लीयता एवं क्षारीयता की जानकारी देगा. उन्होंने सिस्टम में ही वाईफाई भी सेट कर रखा है.

भोपाल स्मार्ट सिटी कंपनी के 36 घंटे के हैकाथॉन का समापन

वल्र्ड क्रिएटीविटी एंड इंनोवेशनडे पर रविवार को हो गया. इस प्रतियोगिता में बिना मिट्टी और कम पानी से वर्टिकल खेती के आईडिया को प्रथम पुरस्कार मिला. प्रथम पुरस्कार के रूप में स्मार्ट सिटी कंपनी ने आईडिया को डेवलप करने वाली टीम स्मार्ट बीन को 1 लाख 75 हजार रुपए का पुरस्कार दिया. भोपाल स्मार्ट सिटी डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड के सीईओ चंद्रमौलि शुुक्ला ने दिया.

हैकाथॉन में स्मार्ट बीन टीम द्वारा डेवलप किए गए आईडिया में एक हजार वर्ग फीट की छत पर पाईप्स के सहारे फसल उगाई जा सकती है. इसमें पौधों को विकसित करने सोलर एनर्जी के बजाए नीली व अल्ट्रा वॉयलेट लाइट से विकसित करने का आईडिया टीम ने तैयार किया.

इस तरह की खेती में मिट्टी की बजाए कोको फीट का इस्तेमाल होता है. इसमें पौधे को विकसित करने पानी न के बराबर लगता है. जिससे पौधे में कीड़े नहीं लगते और इनमें पेस्टीसाइट्स का भी उपयोग नहीं होता. एक हजार वगफीट की छत पर एक लाख रुपए की लागत में खेती की जा सकती है.

20 आइडियाज को मिला स्थान

हैकाथॉन के दौरान चयनित 20 आईडियाज को स्मार्ट सिटी कंपनी के इंक्यूबेशन सेंटर बी-नेस्ट में प्रवेश दिया गया है. बी-नेस्ट में इन आडियाज को स्टार्ट अप के रूप में विकसित करने के लिए स्मार्ट सिटी कंपनी कई तरह की सुविधाएं विकसित मुहैया कराएगी. इनमें प्रोडेक्ट की मार्केटिंग, वित्तीय सलाह और पेटेंट कराने की सलाह आदि प्रमुख है.

गीले और सूखे कचरे से कमाई के मॉडल को दूसरा पुरस्कार

दूसरा पुरस्कार एक लाख रुपए का टीम कबाड़ीवाला को मिला. इसमें टीम ने गीले और सूखे कचरे का रेवेन्यू मॉडल पेश किया. इस आईडिया में बताया गया कि किस तरह लोग घर में गीला और कचरा अलग-अलग कर कमाई कर सकते हैं.

इससे नगर निगम को भी कमाई और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट भी हो जाएगा. तीसरा पुरस्कार 75 हजार रुपए का टीम स्वायत को मिला. इसमें आधुनिक व सेंसर बेस तकनीक अपनाते हुए चालक रहित वाहन बनाया गया. चौथा संतावना पुरस्कार चेन्नई की डिफेंस फोर्स टीम को मिला.

इसमें टीम ने ड्रोन के माध्यम से सुरक्षा व निगरानी का कांसेप्ट दिया. पुरस्कार 50 हजार रुपए दिया गया. इससे विशेेषज्ञों की टीम ने अलग-अलग राउंड्स में 10 टीमों को फाइनल प्रजेंटेशन के लिए चुना था. इन टीमों को अपने आईडिया प्रजेंटेशन देने के लिए पांच मिनट का समय दिया गया. इसके बाद ज्यूरी ने अंतिम चार का चयन किया.

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