राज्यपाल ने किया नवनिर्मित भवन का लोकार्पण

भोपाल,

मनुष्य और जानवर में ज्यादा फर्क नहीं होता है, मनुष्य में अंगिग और संवेदनाएं होती हैं जो मनुष्य को जानवर से अलग करती हैं. सच्चा मनुष्य वहीं होता है जो बिना किसी लालच और नि:स्वार्थ भाव से सेवा करता रहे.

मानव को संवेदना भाव परिवार से बढ़ाकर संपूर्ण सृष्टि से एकाकार भावना से करना चाहिए, सच्चे अर्थों में तभी मानव जीवन मिलने की बात पूरी होती है. बिना सेवा के सुशासन का भाव संभव नहीं है. यह बात राज्यपाल हरियाणा कप्तान सिंह सोलंकी ने सेवा भारती द्वारा संचालित आनंदधाम के नवीन भवन का लोकार्पण करते हुए कही.

इस अवसर पर राष्ट्रीय सेवा भारती के अखिल भारतीय संगठन मंत्री राकेश जैन व गोपाल कृष्ण गोदानी उपस्थित थे. राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी ने कहा कि सेवाभारती मानव सेवा के लिए समर्पित भाव से कार्य करती है.

उन्होंने कहा कि जो सेवा करता है वह देवता तुल्य होता है. सेवा ही सच्चे मानव की पहचान है. उन्होंने कहा कि विभेदकारी ताकतें खत्म होनी चाहिए. यह भवन सेवा, संवेदना का भाव होने के साथ सुशासन का आधार है. राज्यपाल ने नवीन भारत के निर्माण में मुख्य कारक शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वावलंबन और समरसता का उल्लेख किया.

इन कारकों को मिलाकर एक नवीन भारत का निर्माण किया जा सकता है. वहीं संगठन मंत्री राकेश जैन ने कहा कि अतीत का वैभव, वर्तमान की दुर्दशा एवं भविष्य की कल्पना हमारी प्रेरणा है. जाति एक व्यवस्था है जो द्वेष और संघर्ष में बदल गई है और इसका लाभ बाहरी लोग उठा रहे हैं. इसके साथ ही उन्होंने सेवा भारती द्वारा चलाए जा रहे कार्य, प्रयास एवं योजनाओं के बारे में जानकारी दी. आभार महेश शर्मा ने व्यक्त किया.

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