मुंबई 04 मई (वार्ता) मुंबई उच्च न्यायालय ने वर्ष 2002 में गुजरात दंगो के दौरान हुए बिलकिस बानो कांड में आज महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए 11 लोगों की उम्र कैद की सजा को बरकरार रखा। इस मामले में सत्र न्यायालय के वर्ष 2008 के फैसले को चुनौती दी गयी थी।

न्यायमूर्ति विजया कापसे और न्यायमूर्ति मृदुला भाटकर की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया। केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने तीन प्रमुख्य आरोपियों के लिए मौत की सजा की मांग की थी जिसे न्यायालय ने ठुकरा दिया। गोधराकांड के बाद हुए गुजरात दंगे में बिलकिस बानो के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना हुयी थी आैर उसके 14 रिश्तेदारों को मौत के घाट उतार दिया गया था।

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