buildingनई दिल्ली,   रियल एस्टेट (रेग्युलेशन एंड डेवलपमेंट) बिल गुरुवार को राज्य सभा में पास हो गया. बताया जा रहा है कि इसके जरिए मकान खरीदने वाले लोगों को काफी राहत मिलेगी और साथ ही प्रॉप्रटी के बाज़ार में लगने वाले काले धन पर भी लगाम कसी जा सकेगी.

इस बिल में ग्राहकों के साथ धोखाधड़ी करने वाले बिल्डरों को 3 साल की जेल का प्रावधान भी है. बिल में प्रोजेक्ट की 70 फीसद रकम को निलंबित खाते में रखे जाने का भी प्रावधान है. बिल के मुताबिक इससे बिल्डर प्रोजेक्ट की रकम किसी और प्लान में नहीं लगा सकेंगे. राज्य सभा में गुरुवार को लोगों के हितों की रक्षा के लिए शामिल किए गए कई प्रावधानों वाले बिल को ध्वनिमत से मंजूरी दे दी गई. इससे पहले बिल पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए शहरी विकास मंत्री एम वेंकैया नायडू ने कहा कि इसका उद्देश्य खरीददारों के हितों की रक्षा करना और क्षेत्र में पारदर्शिता लाना है.

उन्होंने कहा कि इसके जरिए आवासीय और वाणिज्यिक प्रोजेक्ट्स का नियमन होगा. साथ ही ऐसे प्रोजेक्ट्स को समय पर पूरा करने और उन्हें सौंपने में भी मदद मिलेगी. नायडू ने कहा कि सरकार ने प्रस्ताव किया है कि खरीददारों से ली गई 70 फीसद रकम को निर्माण एवं भूमि के मकसद से एक अलग खाते में रखा जाएगा. उन्होंने कहा कि अपीलीय प्राधिकरण को मामलों का निस्तारण 60 दिनों के भीतर करना होगा, जबकि पहले इसके लिए 90 दिनों का प्रावधान किया गया था.

नायडू ने कहा कि मौजूदा विधेयक यूपीए सरकार के 2013 के बिल पर व्यापक विचार विमर्श कर लाया गया है. उन्होंने कहा कि इस उद्योग के अनुसार हल साल करीब 10 लाख लोग मकान खरीदते हैं. इससे हर साल करीब 3.50 लाख करोड़ रुपये का निवेश होता है.

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