भोपाल, 27 सितंबर. बीएसएनएल भवन के समक्ष मंगलवार को मध्यप्रदेश बीएसएनएल संयुक्त संघर्ष समिति के आव्हान पर कर्मियों ने सामूहिक उपवास रखा. लंबे अरसे से बीएसएनएल कर्मियों में नई दिल्ली प्रबंधन और सरकार के प्रति नाराजगी देखी जारही है.

प्रबंधन द्वारा व्ही.आर.एस. योजना को जबरिया ढंग से लागू करने की कोशिश की जा रही है. कंपनी के लिए आवश्यक उपकरण क्रय नहीं किए गए है जिससे सेवा बाधित हो रही है. आई.टी.एस. अधिकारियों के कंपनी में विलय का मामला विगत 11 वर्षो से लंबित है.
टीएसी समितियों पर अनावश्यक रूप से लाखों रुपये खर्च हो रहा है इसे बंद करने की कोशिश नहीं की गई है. ग्रामीण क्षेत्रों में कंपनी को कोई क्षतिपूर्ति नहीं दी जा रही है.

लायसेंस फीस वापस करने, नेशनल लोन वापसी, वास्तविक वेतन पर पेंशन अंशदान, बोनस पेमेंट, आल इंडिया एलटीसी विदाउट वाउचर मेडिकल सुविधा बहाल करने जैसी मांगों पर कोई ध्यान नहीं दिया गया है. प्रबंधन की नीतियों और नीयत सवाल पैदा होने लगे है. जेएसी लगातार कंपनी के विकास और अच्छी सेवा देने के संबंध में सरकार और प्रबंधन का ध्यान आकृष्टï करने की कोशिश करती रही है लेकिन नतीजा सिफर रहा है. इसी रोष के चलते आगामी 10 अक्टूबर को एक दिन की पूर्ण हड़ताल करने का निर्णय लिया गया है.

सामूहिक उपवास के दौरान एक सभा का आयोजन किया गया. इस सभा को मुख्य रूप से अधिकारियों की एसोसिएशन एसएनईए के कामरेड दत्ता मजूमदार, आलोक श्रीवास्तव, ललित गूर्जर एस.के. ढिमोले, अनिल कुशवाहा एआईबीएसएनएलईए के बी.एस. राजपूत परवेज खान तथा बीएसएनएलईयू के कामरेड राशिद अली बी.के. परसाई, एम.के. उईके. एस.सी. खापरे, ए.के. जैन, पी.के. तंवर, सलामत अली, सैय्यद आदि हुसैन, शांताराम रडके आदि ने संबोधित किया और आगामी दस अक्टूबर की हड़ताल को पूरी तरह से सफल बनाने की अपील की.

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