bpl5छोला दशहरा मैदान में मुख्य अतिथि के रूप में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान तथा राज्यपाल टी.टी.नगर मैदान में शामिल हुए. परंपरा अनुसार रावण गुलिया दाई के मोहल्ले और श्रीराम, लक्ष्मण, हनुमान स्वरूप राधाकृष्ण मंदिर मारवाड़ी रोड से शोभा यात्रा के रूप में निकले तथा भगवान श्रीराम द्वारा सुभाष चौक में रामेश्वरम पूजा की गई. श्रीराम शोभायात्रा में बंदरों की सेना के साथ आगे पुलिस बैंड रहा.

श्रीराम शोभायात्रा ने दशहरा स्थल पर पहुंच रात्रि 11 बजे बुराई के प्रतीक एलएडी लाईट से सुसज्जित रावण, कुम्भकरण और मेघनाथ का दहन किया गया. इसके बाद प्रदेश के मुखिया द्वारा उनकी आरती कर राज्यअभिषेक किया गया. सीएम ने अपने उद्बोधन में जनता को सुख-समृद्धि शांति प्राप्त होने की बात कही. परंपरा अनुसार दशहरे के दूसरे दिन श्रीराम की भरत मिलाप शोभायात्रा सुभाष चौक जुमेराती में पहुंच श्रीराम और भरत मिलाप का कार्यक्रम रात्रि 8 बजे हुआ.

समिति द्वारा पूर्णिमा के दिन 27 अक्टूबर को शीतलदास की बगिया में नौका बिहार का आयोजन रखा गया है. हिन्दू उत्सव समिति अध्यक्ष नारायण सिंह कुशवाह द्वारा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, पूर्व सांसद कैलाश सारंग, बीडीए अध्यक्ष ओम यादव, सोमेश दयाल, ईश दयाल शर्मा, गौरी शर्मा, विहिप के बृजकिशोर भार्गव सहित सीएम द्वारा हिन्दू उत्सव समिति की ओर से आलोक शर्मा का सम्मान किया गया.

टी.टी.नगर दशहरा मैदान में राज्यपाल रामनरेश यादव द्वारा श्रीराम, लक्ष्मण, हनुमान और गुरू विश्वामित्र का राज्यअभिषेक कर जनता को दशहरा पर्व के शुभकामनाएं दीं. लालघाटी नेवरी मंदिर दशहरा मैदान में पूर्व केन्द्रीय मंत्री सुरेश पचौरी द्वारा भगवान श्रीराम का राजतिलक किया गया.

भेल दशहरा मैदान में ईडी युगान्तर द्वारा श्रीराम राज्यअभिषेक कर 50वें गोविंदपुरा रामलीला आयोजन को प्रारंभ कराया. इसी तरह बिट्ठन मार्केट, शाहपुरा, करोंद, गांधी नगर, सेमरा, बागसेवनिया एक्सटेंशन सहित लगभग 19 जगहों पर रावण दहन किया गया.

इस्लाम नगर में रावण दहन- नवाबी शासन काल भोपाल रियासत की राजधानी इस्लाम नगर जगदीशपुर में प्रथा अनुसार शुक्रवार को कम ऊंचाई के रावण का दहन किया गया. इस्मालनगर में दशहरा छोला मैदान के बाद नवाबी शासन काल में पं. गंगा प्रसाद तिवारी द्वारा प्रारंभ किया गया था. दशहरे की शोभा बढ़ाने नवाब स्वयं अपनी बग्गी प्रत्येक वर्ष यहां भेजा करते थे. आज भी इस दशहरे को देखने आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोग बड़ी संख्या में पहुंचते हैं.

जगह-जगह हुए भंडारे- दशहरे के दिन जगह-जगह दुर्गा उत्सव समितियों द्वारा विशाल भंडारों का आयोजन किया गया. भंडारों में भक्तों द्वारा बड़ी संख्या में माता प्रसाद ग्रहण कर अपना उपवास खोला. कुछ स्थानों पर भक्तों ने रात्रि 2 बजे तक प्रसाद ग्रहण किया.

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