20dd7नयी दिल्ली, 20 जुलाई. जापान ने बहुप्रतीक्षित मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के व्यवहार्यता अध्ययन की अंतिम रिपोर्ट आज रेलवे को दे दी जिसमें इस परियोजना की लागत 98 हज़ार करोड़ रुपये आने का अनुमान लगाया गया है.

जापान के राजदूत ताकेशी याबी ने जापान अंतर्राष्ट्रीय सहयोग एजेंसी के अधिकारियों ने यहां रेल भवन में श्री प्रभु से मुलाकात की और उन्हें 543 किलोमीटर लंबे इस रेल कॉरीडोर की संभाव्यता रिपोर्ट सौंपी. सूत्रों के अनुसार जाइका ने इस परियोजना लागत 71 हजार करोड़ शुरूआत में आने और पूरी होने पर इसके बढ़कर 98 हजार करोड़ रुपये के आसपास आने का अनुमान व्यक्त किया है. इस महत्वाकांक्षी लाइन की लागत पहले के सर्वेक्षण के अनुसार 63 हजार करोड़ रूपये आने का अनुमान बताया गया था. जाइका ने 12 जून को अंतरिम रिपोर्ट रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष ए के मित्तल को दी थी जिसे रेलवे बोर्ड की टिप्पणियों को शामिल करके अंतिम रूप दिया गया है. सूत्रों ने बताया कि रिपोर्ट के अनुसार जाइका का मानना है कि मुंबई एवं अहमदाबाद के बीच बुलेट ट्रेन का किराया राजधानी एक्सप्रेस के प्रथम श्रेणी वातानुकूलित के किराये से डेढ़ गुना होना चाहिये. आठ साल बाद इस किराये का अनुमान लगाकर उसके हिसाब से बुलेट ट्रेन का किराया साढ़े तीन हजार रूपये के आसपास रहने की संभावना है. जाइका का अनुमान है कि वर्ष 2023 में करीब 40 हजार यात्री प्रतिदिन इस ट्रेन सेवा का उपयोग कर रहे होंगे और इस हिसाब से यह आर्थिक रूप से व्यवहार्य सेवा होगी. सूत्रों का कहना है कि मुुंबई -अहमदाबाद बुलेट ट्रेन का वर्ष 2023 में इतना किराया अपनी समकालीन विश्व की सभी हाईस्पीड रेल सेवाओं में सबसे सस्ता होगा. उल्लेखनीय है कि फ्रांस की रेलवे एसएनएफसी पहले ही मुुंबई -अहमदाबाद बुलेट ट्रेन का पहले ही व्यवहार्यता अध्ययन कर चुकी है.

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