पूछताछ में लाखों की वारदात का होगा कुछ दिन में खुलासा

नवभारत न्यूज इटारसी,

जीआरपी को बिहार के एक डकैत गिरोह को गिरफ्तार करने में सफलता मिली है. बिहार की बेगूसराय गैंग के एक दर्जन से अधिक सदस्य डकैती की योजना बनाते जीआरपी के हत्थे चढ़ गए हैं.

इनके पास से घातक हथियार के साथ लूट, डकैती और चोरी में उपयोग की जाने वाली सामग्री बरामद हुई है. जीआरपी के अनुसार ये लोग बेस किचन के पास बैठकर किसी बड़ी वारदात की योजना बना रहे थे. आज दोपहर इन सभी को कोर्ट में पेश किया. कोर्ट ने एक हफ्ते की पुलिस रिमांड पर दिया है.

आरोपियों से जीआरपी पूछताछ कर रही है और माना जा रहा है कि कम से कम बीस लाख रुपए की वारदाता का खुलासा इनसे हो सकता है.

थाना प्रभारी बीएस चौहान के अनुसार बारह बंगला तरफ बेस किचिन के पास करीब कुछ लोगों के बैठे होने की सूचना मिली थी. मौके पर पुलिस बल ने दबिश दी और 15 युवकों को गिरफ्तार किया है. ये सभी आरोपी बिहार के बेगूसराय के हैं. यहां किसी ट्रेन में बड़ी वारदात करने की योजना बना रहे थे.

आरोपियों के पास से एक देशी कट्टा एक एयर गन और चाकू बरामद किया है. आरोपियों ने कितनी वारदात को अंजाम दिया है, इसके विषय में पूछताछ की जा रही है.

माना जा रहा है कि मुंबई निवासी एक परिवार की कुछ दिन पूर्व हुई करीब 7 लाख रुपए की चोरी में भी इनका हाथ हो सकता है. इसके अलावा इन्होंने 19 एवं 20 नवंबर को रेलवे स्टेशन क्षेत्र इटारसी में कई अपराध करना स्वीकार किया है, इनसे माल बरामद करने की पुलिस कोशिश कर रही है.

वीआईपी की तरह करते थे सफर

ये चोरी गिरोह किसी वीआईपी की तरह ही वातानुकूलित कोच में बाकायदा यात्री बनकर सफर करता था. इनकी रईसी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि ये अत्यंत महंगे कपड़े, जूते, घड़ी आदि पहने होते हैं ताकि इन पर कोई संदेह नहीं कर सके.

सफर के दौरान ये माल उड़ाने के बाद यात्रियों की भीड़ के साथ ही ट्रेन से निकलकर रेलवे स्टेशन से बाहर आ जाते थे. कुछ दिन पूर्व पनवेल एक्सप्रेस से कानपुर से मुंबई जा रहे एक परिवार के दो बैग इटारसी स्टेशन पर चोरी हो गए.

बैग में करीब 22 तौला सोना, कपड़े आदि मिलाकर लगभग 7 लाख रुपए का माल था. इटारसी रेलवे स्टेशन पर दो लोग इन बैग को उठाकर बाहर जाते कैमरे में भी कैद हुए थे, वे दोनों भी इसी गैंग के सदस्यों में शामिल बताए जा रहे हैं.

तीन पार्टी बनाकर घेराबंदी

जीआरपी को मुखबिर से सूचना मिली थी कि प्लेटफार्म क्रमांक 6-7 के पास स्थित टावर बैगन गैरेज की दीवार से सटकर करीब डेढ़ दर्जन युवक बैठे हैं जो बिहारी बोली में छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस में डकैती के लिए बातचीत कर रहे हैं. यह भी सूचना थी कि इनके पास घातक हथियार हो सकते हैं.

अत: पुलिस ने पूरी तैयारी ने इनको पकडऩे के लिए तीन पार्टी बनायी. पहली पार्टी का नेतृत्व स्वयं थाना प्रभारी बीएस चौहान ने किया जबकि, दूसरी पार्टी सहायक उपनिरीक्षक श्रीलाल पडरिया और तीसरी का नेतृत्व एएसआई दर्शन सिंह कर रहे थे.

तीनों पार्टी ने योजनाबद्ध तरीके से घेराबंदी करके इनको दबोचा. बावजूद इसके दो सदस्य अंधेरे का फायदा उठाकर भागने मेें कामयाब हो ही गए. जीआरपी के अनुसार फरार हुए दोनों की तलाश की जा रही है.

 

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