मुंबई,

बैंकिंग क्षेत्र पर बने दबाव तथा अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर रक्षात्मक व्यापार नीति की आशंका में घरेलू शेयर बाजार आज लगातार पाँचवें कारोबारी दिवस टूटते हुये करीब 12 सप्ताह के निचले स्तर पर आ गया।

वैश्विक बाजारों की जबरदस्त तेजी के दम पर शुरुआती कारोबार में 300 अंक से ज्यादा की बढ़त बनाने वाला बीएसई का सेंसेक्स दोपहर बाद हुई बिकवाली के दबाव में 429.58 अंक की बड़ी गिरावट के साथ 33,317.20 अंक पर बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 109.60 अंक लुढ़ककर 10,249.25 अंक पर आ गया।

रियलिटी, दूरसंचार और बैंकिंग समूहों में सबसे ज्यादा गिरावट रही। टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद को छोड़कर बीएसई के अन्य सभी समूह लाल निशान में रहे।

बैंकों में एक के बाद एक उजागर होते घोटालों तथा फर्जीवाड़ों और अनियमितताओं की खबरें आने से अधिकतर बैंकों के शेयर धड़ाम हो रहे हैं। रिजर्व बैंक ने दिशा-निर्देशों के उल्लंघन के मामले में सोमवार को एक्सिस बैंक पर तीन करोड़ रुपये और इंडियन ओवरसीज बैंक पर दो करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था।

अमेरिका द्वारा इस्पात और एल्युमीनियम के आयात पर प्रतिबंध लगाने से यह धारणा बनी है कि वह अन्य उत्पादों के लिए भी रक्षात्मक व्यापार नीति अपना सकता है। इससे मुख्य रूप से अमेरिका में कारोबार करने वाली घरेलू कंपनियों पर भी दबाव रहा।

सेंसेक्स में सनफार्मा के शेयर करीब तीन प्रतिशत टूटे। भारतीय स्टेट बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और महिंद्रा एंड महिंद्रा में ढाई फीसदी से ज्यादा की गिरावट रही। मारुति सुजुकी के शेयर भी दो प्रतिशत से ज्यादा टूटे।

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