बैरागढ़ के लोगों की सबसे बड़ी मांग है कि बैरागढ़ रेलवे स्टेशन को पश्चिम रेलवे के रतलाम डिवीजन से हटाकर मध्य सेंट्रल रेलवे के भोपाल डिवीजन में करके इसका जोन ही बदल दिया जाए.

बैरागढ़ वास्तव में भोपाल शहर का उपनगर है. पहले जब सेंट्रल रेलवे जोन था उस समय भोपाल डिवीजन उज्जैन तक था. बाद में नये जोन बनने से बैरागढ़ को पश्चिम रेलवे में कर दिया गया था. बैरागढ़ 30 साल तक पश्चिम रेलवे में रहा.

अब यह उम्मीद हो गयी है कि भोपाल डिवीजन में आने से बैरागढ़ का विकास भी हबीबगंज स्टेशन के समतुल्य हो जायेगा. अभी भोपाल मेन रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों का दबाव काफी है. कुछ का हबीबगंज टर्मिनल बनाया गया है. उसी तरह बैरागढ़ भी इंदौर-उज्जैन तरफ जाने वाली कई ट्रेनों का टर्मिनल बन सकता है.

बैरागढ़ में कई ऐसी ट्रेनों का स्टापेज भी हो जायेगा जो अभी वहां नहीं रुकती हैं. इसी तरह जबलपुर के पास भी मदनमहल स्टेशन का विकास भी होना चाहिये.

इस समय सबसे बड़ी समस्या यह है कि यात्री ट्रेनों की संख्या बढ़ती जा रही है, जिससे मालगाडिय़ों के चलने में काफी रुकावट हो जाती है. इनके लिए तीसरी लाइन का विचार किया जा रहा है.

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