संयुक्त राष्ट्र,  संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार विशेषज्ञों के एक समूह ने कर्नाटक के बेंगलुरु में हाल में मारी गई पत्रकार और मानवाधिकार संरक्षक गौरी लंकेश की हत्या के बाद भारत से अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को बनाये रखने के लिए एक सुरक्षित माहौल कायम करने की अपील की है।

संरा समूह के सदस्य और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के विशेष पैरोकार डेविड काये और अन्य ने कल यहां कहा,“ भारत सरकार को गौरी लंकेश की हत्या की निंदा करनी चाहिए, हत्या की जांच करानी चाहिए और मास्टरमाइंड समेत तमाम दोषियोें को सजा दिलानी चाहिए।

साथ ही पत्रकारों की सुरक्षा को गंभीरता से लेना चाहिए।” सुश्री लंकेश की गत पांच सितंबर को हुई हत्या को उन्होंने एक “भयानक और दर्दनाक त्रासदी” बताते हुए कहा कि यह प्रेस की स्वतंत्रता पर “गंभीर हमले” है।

उन्होंने कहा,“ हम भारत से आग्रह करते हैं कि वह राजनीतिक माहौल को बदलने के लिए सक्रिय कदम उठायें ताकि हाल के वर्षों में बढ़ते ध्रुवीकृत और शत्रुतापूर्ण हमलों, विशेष रूप से मीडिया और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की आवाज उठाने वालों पर, को रोका जा सके।” मानवाधिकार के उच्चायुक्त कार्यालय के अनुसार, पिछले तीन साल में कट्टरपंथी राजनीति का विरोध करने वाले चार सामाजिक कार्यकर्ताओं की हत्या की गयी है।

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