assochamनयी दिल्ली, उद्योग संगठन एसोचैम ने कहा है कि यूरोपीय संघ के साथ विस्तृत द्विपक्षीय व्यापार एवं निवेश संधि को लेकर चल रही बातचीत के बावजूद सरकार को प्रधानमंत्री की ब्रिटेन की यात्रा के दौरान उसके साथ पृथक से मुक्त व्यापार संधि पर जोर दिया जाना चाहिए।

एसोचैम ने कहा कि यूरोपीय संघ के साथ अनुबंध को लेकर चल रही बातचीत के लंबे खींचने की आशंका है जिससे भारत को बड़ा नुकसान उठाना पड़ रहा है।
वैश्विक मंदी से निर्यात प्रभावित हो रहा है।

भारत को बिना किसी विलंब के प्रमुख बाजारों की आसान उपलब्धता की जरूरत है। इसलिए ब्रिटेन के साथ अलग से मुक्त व्यापार संधि की जानी चाहिए।
संगठन ने कहा कि ब्रिटेन के साथ मुक्त व्यापार संघि यूरोपीय संघ के साथ प्रस्तावित संधि की कीमत पर नहीं की जानी चाहिए।

उसने कहा, “यूरोपीय संघ की जटिलता एवं आंतरिक मुद्दों के कारण 27 देशों के इस संगठन के साथ निकट भविष्य में किसी समझौते पर पहुँच पाने की कोई संभावना नहीं दिख रही है। हालांकि ब्रिटेन के साथ अलग से संधि करना काफी आसान होगा। उसे भी अपनी अर्थव्यवस्था को सुधारने के लिए भारत के बड़े बाजार की जररूत है। ” उसने कहा कि ब्रिटेन भारत के शीर्ष 24 व्यापारिक सहभागियों में 18वें स्थान पर है। देश की आजादी के बाद लंबे समय तक यह शीर्ष व्यापारिक सहभागी बना रहा था।

 

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