bus1नई दिल्ली,  भारत ब्रॉडबैंड की पैठ बढ़ाने के लिहाज से वैश्विक रैंकिंग में फिसला है लेकिन देश में इंटरनेट के उपयोग करने वालों के प्रतिशत के लिहाज से उसने थोड़ी प्रगति दर्ज की है.

यह बात संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में कही गई है. संयुक्त राष्ट्र ब्रॉडबैंड आयोग ने सतत विकास लक्ष्यों को लेकर होने वाले शिखर सम्मेलन और इसके साथ ही 26 सितंबर को सतत विकास के लिए ब्राडबैंड आयोग की समांतर बैठक से पहले यह रिपोर्ट जारी की है.

विश्व की 57 प्रतिशत आबादी इंटरनेट से जुड़ी नहीं है और वह इंटरनेट से उपलब्ध विशाल आर्थिक एवं सामाजिक लाभ का फायदा उठाने में नाकाम हैं. भारत 2014 में फिक्स्ड ब्रॉडबैंड ग्राहकों के लिहाज से 189 देशों में 131वें स्थान पर रहा जबकि साल भर पहले ऐसे ग्राहकों की संख्या के लिहाज से वह 125वें स्थान पर था. जहां तक सक्रिय मोबाइल-ब्रॉडबैंड ग्राहकों की संख्या की बात है इसमें भारत 155वें स्थान पर है जो 2013 में दर्ज 113वें स्थान से काफी कम है. भारत 2014 में व्यक्तिगत इंटरनेट उपयोग के लिहाज से 136वें स्थान पर रहा और यहां 18 प्रतिशत लोग इंटरनेट का उपयोग कर रहे थे जबकि एक साल पहले 2013 में भारत इस मामले में 142वें स्थान पर था और 15.1 प्रतिशत लोग इंटरनेट का उपयोग करते थे.

इंटरनेट का उपयोग करने वाले परिवार के लिहाज से भारत 133 विकासशील देशों में 80वें स्थान पर रहा और इन परिवारों की संख्या 15.3 प्रतिशत है. इस लिहाज से भारत 2013 में 75वें स्थान पर था.

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