mp3उमरिया,  बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान में कल हुई ब्लू आई बाघ की संदिग्ध मौत के मामले की जांच को लेकर भोपाल के आरटीआई कार्यकर्ता उच्च न्यायालय में याचिका लगाएंगे.

वन्य प्राणी विशेषज्ञ और आरटीआई कार्यकर्ता अजय दुबे ने कहा कि जिन परिस्थितियों में बाघ की मौत हुई है, वह पूर्णत: संदिग्ध और बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान प्रबंधन और डॉक्टर की घोर लापरवाही का परिणाम है. इसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए. दुबे ने कहा कि अगर शासन एक सप्ताह के अंदर जांच के आदेश नहीं देता, तो वह हाईकोर्ट में याचिका दायर कर जांच के आदेश कराएंगे.

ब्लू आई नाम का यह बाघ बीमार और भूखा था, जिसे ट्रेंक्यूलाइज करने के दौरान दवा की अधिक मात्रा देने और गर्मी का असर होने से उसकी मौत हो गई. जब बांधवगढ़ टाइगर राष्ट्रीय उद्यान के डॉक्टर नितिन गुप्ता और एसडीओ आरसी त्रिपाठी से इस विषय पर बात करने हेतु संपर्क की कोशिश की तो उनके मोबाइल कवरेज क्षेत्र से बाहर बताते रहे.

धमोखर वन परिक्षेत्र के बरसझहा टोला के घोघर नाले के पास बाघ को ट्रेंक्यूलाइज किया गया था, परंतु उसकी मौत के उपरांत उसका शव करीब 15 किमी दूर मगधी ले जाकर आनन फानन में शव परीक्षण उपरांत अंतिम संस्कार कर दिया गया. इससे मीडिया को भी दूर रखा गया.

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