भरतपुर,  राजस्थान में भरतपुर एवं धौलपुर के जाटों को ओबीसी में आरक्षण देने की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन का व्यापक असर को देखते हुए जिलेभर में धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू की गई है तथा सड़क एवं रेल यातायात बुरी तरह प्रभावित है ।

भरतपुर-धौलपुर आरक्षण संघर्ष समिति के आव्हान पर किये जा रहे इस आंदोलन के कारण आज सुबह से ही जहां जयपुर-आगरा रेलमार्ग जिले की सीमाओं में ठप्प पड़ा हुआ है वहीं सड़क मार्ग के रास्ते भी पूरी तरह से अवरुद्ध है। जिले के सभी रेल एवं सड़क मार्गो पर जाट आंदोलनकारी जमे हुए है जिन्हें पुलिस तथा प्रशासन की तरफ से समझाईस के प्रयास किये जा रहे है लेकिन आंदोलनकारी अपनी मांगों पर अड़े हुए है।

आगरा-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 11 को खेड़ली मोड़ पर पूरी तरह से ठप कर दिया है। अपनी मांगों के समर्थन में आंदोलनकारी आगरा-जयपुर रेल मार्ग पर नदबई-भरतपुर के बीच पपरेरा तथा हेलक स्टेशन पर कब्जा कर ट्रेक जाम कर दिया है और इस कारण रेलवे प्रशासन ने इस मार्ग की सभी ट्रेनों के रूट को डायर्वट किया है।

इसी प्रकार नदबई-नगर सडक मार्ग पर भी रौनीजा तथा पालतू गांवों के पास भी सड़क मार्ग पर जाम लगाया गया है। जिले भर में रेल एवं सड़क मार्गो के ठप हो जाने से लोगो को भारी असुविधा हो रही है। मथुरा-अलवर रेल मार्ग भी ट्रेक जाम होने के कारण ठप पड़ा है। भरतपुर-कुम्हेर मार्ग की कंजोल लाइन पर भी जाटों ने अवरोध लगाकर जाम लगा रखा है।

आंदोलन के समर्थन ने जिले भर के बाजार भी आज पूरी तरह से बंद है । रेल्वे प्रशासन ने आंदोलनकारियों द्वारा रेल ट्रेक जाम करने के कारण जिल से गुजरने वाली करीब नौ रेलगाड़ियों का संचालन रद्द कर दिया तथा कुछ गाड़ी आंशिक रूप से चलाई गई और कुछ गाड़ियों काे मार्ग बदल कर चलाई गई है।

इसी प्रकार जिले में रोडवेज बसों का संचालन भी नहीं हो पाया। जिला कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट डॉ0 एन के गुप्ता ने निषेधाज्ञा के आदेश जारी करते हुए आंदोलनकारियों से शान्ति बनाये रखने की अपील है तथा आमजन से अनुरोध किया है कि वे किसी भी तरह की अफ़वाहो पर ध्यान न दे और कानून व्यवस्था बनाये रखने में पुलिस तथा प्रशासन को सहयोग करे। जिले में धारा 144 30 जून तक लागू रहेगी ।

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