prashantनोएडा,  आप के पूर्व नेता और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने जन लोकपाल बिल पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को खुली बहस की चुनौती दी है। यहां सेक्टर 14 में रविवार को आयोजित प्रेसवार्ता में प्रशांत भूषण ने कहा कि जनलोकपाल बिल के नाम पर केजरीवाल सरकार ने लोगों को धोखा दिया है। झूठ बोलने के साथ जनता को भ्रमित किया है। कहा कि आप कांग्रेस और भाजपा से भी झूठी है। नए बिल के मुताबिक बिना सरकार के जनलोकपाल का गठन नहीं हो सकता है।

उन्होंने 2014 के लोकपाल बिल को सामने रखा। इस बिल से 2015 के जनलोकपाल बिल की तुलना करते हुए प्रशांत भूषण ने कहा कि पुराने बिल से नए बिल की कोई समानता नहीं है। बिल में राजनीतिक पार्टियों को अधिक वरीयता दी गई है। 2014 के लोकपाल बिल में प्रावधान था कि कोई स्वतंत्र संस्था ही लोकपाल को हटा सकती थी। पर नए बिल में ऐसा नही है। वहीं, पुराने बिल में सात सदस्य थे, जिसमें से दो राजनीतिक पार्टियों से थे। 2015 के बिल में तीन सदस्य हैं। चयन समिति में चार सदस्य हैं, जिसमें से तीन राजनीतिक पार्टियों से हैं।

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