pankaja-mundeनई दिल्ली 24 जून. महाराष्ट्र में देवेन्द्र फडनवीस सरकार में शामिल पंकजा मुंडे पर विपक्षी दल कांग्रेस ने सरकारी स्कूलों में शिक्षा और खानपान से संबंधित मामले में 200 करोड़ रुपये के कथित घोटाले का आरोप लगाया है.

पंकजा मुंडे महाराष्ट्र सरकार में महिला और बाल कल्याण मंत्री हैं. कांग्रेस ने आरोप लगाते हुए कहा है कि उनके पास रिकार्ड है कि स्कूलों के सामान खरीदने में आनलाइन निविदा पर पारदर्शिता नहीं बरती गयी. स्कूलों में गरीब बच्चों को शिक्षा देने के लिए उन्हें पुस्तकें, खाने के सामान और पानी को साफ करने वाली मशीनों की खरीदारी पर बडे पैमाने पर अनियमितता का कांग्रेस ने आरोप लगाया है. सूत्रों के अनुसार पंकजा मुंडे ने कहा है कि उन्होंने किसी नियम का उल्लंघन नहीं किया.

स्कूलों में सामान को उपलब्ध कराने के लिए आनलाइन निविदा का उपयोग नहीं किया गया. मंत्री होने के नाते भ्रष्टाचार को कम करने के लिए उन्होंने कुछ कडे कदम उठाये थे. एक अंग्रेजी अखबार की रिपोर्ट के अनुसार आदिवासी बच्चों को दी जाने वाली सुविधाओं की खरीद में 206 करोड़ का घोटाला हुआ है. आरोप है कि भाजपा के दिवंगत नेता गोपीनाथ मुंडे की बेटी पंकजा मुंडे ने नियमों को ताक पर रखकर खरीद की इजाजत दी थी.

15 जून को महाराष्ट्र की विमिन ऐंड चिल्ड्रन डिवेलपमेंट मिनिस्टर पंकजा मुंडे को अहमदनगर जिला परिषद के प्रेजिडेंट मंजुश्री गुंड ने लेटर भेजा था. इस लेटर में मंजुश्री ने आदिवासी छात्रों को इंटिग्रेटेड चाइल्ड डिवेलपमेंट सर्विसेज (ढ्ढष्टष्ठस्) के तहत दी जा रही चिक्की की क्वॉलिटी पर सवाल उठाए थे.

नियमों के मुताबिक 3 लाख से ज्यादा की खरीद सिर्फ ई-टेंडरिंग के जरिए की जा सकती है. फडणवीस ने रेट कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम के जरिए खरीदने पर बैन लगा दिया था, जिसमें मोलभाव करके चीज़ें खरीदी जाती थीं लेकिन पंकजा ने बिना ई टेंडर के ही कुछ लोगों को समान आपूर्ति का ठेका दे दिया.

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