मामला वोट के बदले नोट कांड का, अमरसिंह की मेडिकल रिपोर्ट तलब

नई दिल्ली, 27 सितंबर. वोट के बदले नोट कांड में आज तीस हजारी कोर्ट ने आरोपी और बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी के सहयोगी रहे सुधींद्र कुलकर्णी की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज करते हुए उन्हें 1 अक्टूबर तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया। कोर्ट ने कुलकर्णी के वकील से पूछा कि जब उन्हें पूरे मामले की जानकारी थी तब उन्होंने घटना से पहले किसी एजेंसी को इसकी जानकारी क्यों नहीं दी? इस सवाल के जवाब में सुधींद्र कुलकर्णी के वकील ने कहा कि अगर वे किसी जांच एजेंसी को इस मामले की जानकारी दे देते तो स्टिंग ऑपरेशन हो ही नहीं पाता।

बीजेपी ने कुलकर्णी को न्यायिक हिरासत में भेजे जाने पर निराशा जाहिर की है। बीजेपी के प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि इस मामले में भ्रष्टाचार उजागर करने वाले परेशान हो रहे हैं और जिन्हें असली फायदा था, वे अब तक बचे हुए हैं। प्रसाद ने कहा कि कुलकर्णी ने देशहित में भ्रष्टाचार उजागर करने का काम किया था।

देशहित में काम किया : सुधींद्र
सुधींद्र कुलकर्णी ने तीस हजारी कोर्ट परिसर में मीडिया से बात करते कहा कि अगर भ्रष्टाचार को उजागर करना गुनाह है तो वे इस मामले में मास्टर माइंड हैं।  कुलकर्णी का कहना है कि उन्होंने देशहित में काम किया और वे जेल जाने को तैयार हैं।

मांगी विदेश जाने इजाजत
दूसरी तरफ, इसी कोर्ट में आज अमर सिंह की जमानत याचिका पर सुनवाई हो रही है। कोर्ट ने एम्स से अमर सिंह की मेडिकल रिपोर्ट मांगी है। एम्स की तरफ से एक डॉक्टर आज कोर्ट में मौजूद हैं। अमर सिंह का एम्स में इलाज चल रहा है। आज ही अमर सिंह की अंतरिम जमानत की मियाद भी खत्म हो रही है। अमर सिंह ने इलाज कराने के लिए विदेश जाने की इजाजत मांगी है।
अमर सिंह के वकील का कहना है कि उन्हें इलाज के लिए सिंगापुर जाना पड़ता है।  सदन में नोट लहराने वाले बीजेपी के तीन सांसदों में से दो जेल में हैं। ये दोनों वर्तमान लोकसभा के सदस्य नहीं हैं। लेकिन नोट लहराने वाले तीसरे सांसद अशोक अरगल मौजूदा लोकसभा के भी सदस्य हैं।

कुछ हफ्ते पहले संसद के मॉनसून सत्र के दौरान लालकृष्ण आडवाणी ने लोकसभा में कहा था कि सरकार चाहे तो उन्हें भी गिरफ्तार कर सकती है क्योंकि उन्हें भी नोट के बदले वोट कांड की पूरी जानकारी थी।

नोट के बदले वोट कांड 22 जुलाई 2008 को हुआ था। अमेरिका के साथ भारत का प्रस्तावित परमाणु करार यूपीए सरकार को समर्थन दे रहे वामदलों को रास नहीं आया था। इस वजह से वामदलों ने यूपीए सरकार से अपना समर्थन वापस ले लिया था। ऐसे में लोकसभा में विश्वास मत (ट्रस्ट वोट) की नौबत आई जिसमें जीत हासिल करना यूपीए के लिए अनिवार्य था। आरोप है कि यूपीए सरकार को बचाने के लिए रिश्वत का खेल खेला गया।
विश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग के दौरान गैरहाजिर रहने के लिए तीनों को तीन-तीन करोड़ रुपये दिए जाने थे। चार्जशीट में कुलकर्णी के बारे में कहा गया है कि उन्हें घटनाओं की पूरी जानकारी थी, फिर भी उन्होंने जांच एजेंसी को अंधेरे में रखा। बीजेपी के लोकसभा सांसद अशोक अर्गल का नाम इस चार्जशीट में नहीं है। उनके खिलाफ मामला चलाने की अनुमति मिलने के बाद दिल्ली पुलिस पूरक चार्जशीट फाइल करेगी.

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