नयी दिल्ली,  हरियाणा में डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम के समर्थकों के पंजाब और हरियाणा सहित कई स्थानों पर हिंसक आंदोलन से उपजी स्थिति पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अध्यक्ष अमित शाह ने पार्टी के महासचिव अनिल जैन और कैलाश विजयवर्गीय से आज पार्टी मुख्यालय पर विचार विमर्श किया।

सूत्रों के अनुसार पार्टी एवं केन्द्र सरकार का नेतृत्व स्थिति संभालने में हरियाणा सरकार की विफलता को लेकर क्षुब्ध है। बताया गया है कि श्री शाह ने हरियाणा की स्थिति को लेकर कल रात प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की थी। श्री मोदी हरियाणा की स्थिति को लेकर नाराज़ बताये जाते हैं। दरअसल हरियाणा सरकार के ढुलमुल रवैये के कारण राज्य की स्थिति को लेकर केंद्र की भी फजीहत हो रही है।

चंडीगढ़ में पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने हरियाणा सरकार को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा है कि उसने राजनीतिक लाभ के लिये पंचकुला को जलने के लिये छोड़ दिया। उच्च न्यायालय के निर्देशों का पालन नहीं करने पर भी राज्य सरकार अदालत के निशाने पर है। पार्टी महसूस करती है कि जाट आंदोलन और अब गुरमीत राम रहीम मामले को संभालने में राज्य सरकार की विफलता का खामियाजा उसे भुगतना पड़ सकता है।

नवंबर में होने वाले गुजरात, हिमाचल प्रदेश और कर्नाटक में विधानसभा चुनावों में भी इस घटना का असर पड़ने की संभावना के मद्देनज़र भाजपा कोई जोखिम नहीं लेना चाहेगी। सूत्रों के अनुसार हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को पार्टी आलाकमान ने तलब किया है और ऐसी संभावना है कि इस मामले में चूक के लिये उनकी जवाबदेही तय की जा सकती है।

उधर, केन्द्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह के 17, अकबर रोड पर स्थित आवास पर हरियाणा की स्थिति को लेकर उनकी अध्यक्षता में आज दोपहर बाद एक उच्चस्तरीय बैठक हुई , जिसमें राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, गुप्तचर ब्यूरो के प्रमुख राजीव जैन और गृह सचिव राजीव महर्षि समेत उच्चाधिकारी शामिल हुए। सूत्रों के अनुसार श्री सिंह ने हरियाणा में अर्द्धसैनिक बलों की तैनाती में देरी किये जाने पर नाराज़गी जतायी और राज्य में हिंसा से निपटने के लिये कठोर कदम उठाने पर ज़ोर दिया।

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