गुजरात और हिमाचल प्रदेश में विधानसभाओं के चुनाव समाप्त होते ही अब सरकारें बनाने का दौर शुरू हो गया. गुजरात में भारतीय जनता पार्टी की ही सरकार थी और वहीं इस चुनाव में भी कायम रही. सरकार तो बच गयी लेकिन उसकी प्रतिष्ठा में कमी आ गयी.

इसमें पहले भाजपा के 115 विधायक थे लेकिन इस बार 16 घटकर 99 बचे. लेकिन 182 के सदन में 92 सदस्य होने से बहुमत हो जाता है. इस सदन में 9…… का बहुमत बना है. सरकार के साथ-साथ पिछले मुख्यमंत्री श्री विजय रूपाणी भी मुख्यमंत्री बरकरार रहे. जो गत विधानसभा में मुख्यमंत्री श्रीमती आनंदी बेन को पार्टी द्वारा हटाकर श्री रूपाणी को मुख्यमंत्री बनाया गया था.

श्रीमती आनंदी बेन और श्री रूपाणी को श्री हार्दिक पटेल द्वारा उठाये गये पाटीदार आरक्षण आंदोलन का सामना करना पड़ा. यही मुद्दा इस चुनाव में भी असरदार रहा और भारतीय जनता पार्टी की 16 सीटें कम हो गयी.

नयी विधानसभा में विपक्ष में बैठी कांग्रेस विपक्ष में रही लेकिन इस सदन उसकी सदस्य संख्या पिछली विधानसभा के मुकाबले 16 बड़ी है. वह 61 से बढ़कर 77 सदजस्यीय हो गयी. रूपाणी सरकार 26 दिसंबर को शपथ लेगी. इस बार उसे सदन में ज्यादा उग्र विरोध का सामना करना पड़ेगा.

पाटीदार नेता श्री हार्दिक पटेल ने भी कहा है कि उनका पाटीदार आरक्षण आंदोलन व किसान कर्ज माफी की मांग पर संघर्ष जारी रहेगा. पाटीदारों के रुख को देखते हुए रूपाणी सरकार में पाटीदार नेता श्री नितिन पटेल को उपमुख्यमंत्री बनाया गया है.

भारतीय जनता पार्टी यह दावा भी कर रही है कि उसकी पार्टी में पाटीदारों की संख्या काफी है और वे पार्टी नेतृत्व मेंं भी है. इसलिए हार्दिक पटेल को एकमात्र पाटीदार नेता या प्रतिनिधि नहीं माना जा सकता.

हिमाचल में भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस से सत्ता छीनी है. हिमाचल मेंं 1985… से यह चला आ रहा है कि वहां हर 5 साल के चुनाव में सरकार कांग्रेस व भाजपा के बीच बदलती रहती है. वही इस बार हुआ. अभी तक वहां मुख्यमंत्री श्री वीरभद्र सिंह की कांग्रेस सरकार थी, अब भाजपा की आ गयी.

हिमाचल की 68 सदस्यीय विधानसभा मेंं भाजपा 18 सीटें बढ़ाकर 44 हो गई और कांग्रेस की 15 सीटें कम होकर वह 21 रह गई. भाजपा की जीत के बाद भी वहां मुख्यमंत्री पद के दावेदार जो भूतपूर्व मुख्यमंत्री भी रहे श्री प्रेमकुमार धूमल हार गये.

कहा जा रहा है कि वे हारे इसलिए कि उन्हें मुख्यमंत्री घोषित कर दिया गया था. जो यह नहीं चाहते है. उन्होंने श्री घूमल को हटवा दिया. काफी जिद्दोजहद के बाद श्री जयराम ठाकुर हिमाचल में भाजपा सरकार के मुख्यमंत्री बना दिये गये हैं और 27 दिसंबर को वे शपथ ग्रहण कर रहे हैं.

संकेत दिया गया है कि श्री प्रेमकुमार घूमल को राज्यसभा में सांसद बताकर केंद्रीय मंत्रिमंडल में ले लिया जायेगा और दूसरे भूतपूर्व भाजपायी मुख्यमंत्री श्री शांताकुमार को किसी राज्य का गवर्नर बनाया जा रहा है.

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