PSLVश्रीहरिकोटा,   देश की अंतरिक्ष यात्रा में एक नया अध्याय जोड़ते हुये भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने आज यहाँ सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से एक साथ रिकॉर्ड 20 उपग्रहों का सफल प्रक्षेपण किया। केंद्र के दूसरे प्रक्षेपण स्थल से सुबह 9.26 बजे ध्रुवीय प्रक्षेपण यान पीएसएलवी-सी34 ने तीन भारतीय और 17 विदेशी उपग्रहों के साथ अंतरिक्ष की उड़ान भरी और तकरीबन आधे घंटे बाद इसरो के अध्यक्ष ए.एस. किरण कुमार ने मिशन के सफतापूर्वक पूरा होने की घोषणा की।

उन्होंने बताया सभी 20 उपग्रहों को उनकी यथेष्ट कक्षाओं में स्थापित कर दिया गया है। इससे पहले इसरो ने वर्ष 2008 में एक साथ सर्वाधिक 10 उपग्रह छोड़े थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस सफलता पर प्रसन्नता जाहिर करते हुये अपने ट्वीट किया कि उन्होंने टेलीविजन पर प्रक्षेपण का सीधा प्रसारण देखा और अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर लगाने के लिए कुछ तस्वीरें भी लीं। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री वाई.एस. चौधरी ने कहा “20 उपग्रहों के सफल प्रक्षेपण के साथ ही इसरो के मुकुट में एक और मणि जुड़ गया है।

वैज्ञानिकों को बधाई!” इसरो के निदेशक पी. उन्नीकृष्णन ने कहा कि इस प्रक्षेपण के साथ ही इसरो ने एक और महत्वपूर्ण मुकाम हासिल कर लिया है। उन्होंने कहा “मैं पूरी टीम के प्रति दिल से आभार व्यक्त करता हूँ। हम अधिक से अधिक पेशेवराना कार्यशैली अपनाते जा रहे हैं। हमें खुशी है कि हम अपने ग्राहकों को विश्वस्तरीय सेवा देने में सफल रहे हैं।” उन्होंने कहा कि इस मिशन के पूरा होने के बाद इसरो जीएसएलवी मार्क-दो और मार्क-तीन के साथ अन्य चुनौतियों के लिए तैयार है।

प्रक्षेपण के बाद नियंत्रण कक्ष में सभी वैज्ञानिकों की निगाहें कंप्यूटर स्क्रीनों पर टिकी थीं। 17 मिनट बाद जैसे ही प्रक्षेपण यान ने सबसे पहले मिशन में सबसे महत्वपूर्ण इसरो के उपग्रह कार्टोसैट-2 को उसकी कक्षा में छोड़ा नियंत्रण कक्ष में तालियों की गड़गड़ाहट गूँज उठी। इसके बाद भारतीय शैक्षणिक संस्थानों के उपग्रहों सत्यभामासैट और सत्यम् पीएसएलवी से अलग हो गये।

शेष 17 विदेशी उपग्रहों में इंडोनेशिया के लापैन-ए3, जर्मनी के बाइरोस, कनाडा के एम3एमसैट, अमेरिका के स्काईसैटजेन2-1, कनाडा के जीएचजीसैट-डी तथा अमेरिका के 12 डव उपग्रहों को दो चरणों में छोड़ा गया। एक-एक कर उपग्रह प्रक्षेपण यान से अलग-होते गये और वैज्ञानिकों के चेहरों पर मुस्कान बढ़ती गई। सभी 20 उपग्रहों का कुल वजन लगभग 1288 किलोग्राम है। इसमें कार्टोसैट-2 727.5 किलोग्राम का तथा अन्य लघु तथा सूक्षम उपग्रहों का कुल वजन 560 किलोग्राम है।