फाइनल में रानी ने सडन डैथ में किया निर्णायक गोल, चीन को शूटआउट में 5-4 से हराया

भारतीय महिलाओं को मिला विश्वकप टिकट,13 साल बाद एशिया कप खिताब पर भारत का कब्जा,अब पुरुष और महिला खिताब भारत के नाम.

काकामिगाहारा, कप्तान रानी के सडन डैथ में निर्णायक गोल की बदौलत भारतीय महिला हॉकी टीम ने आज चीन को शूटआउट में 5-4 से हराकर ना केवल एशिया कप हॉकी टूर्नामेंट का चैंपियन बनने का गौरव हासिल कर लिया बल्कि 2018 के एफआईएच विश्वकप का टिकट भी हासिल कर लिया.

भारत और चीन के बीच जबर्दस्त मुकाबले में दोनों टीमें निर्धारित समय तक 1-1 से बराबरी थी जिसके बाद शूटआउट में भारत ने 5-4 से बाजी मार ली. शूटआउट में स्कोर 4-4 से बराबर रहने के बाद रानी ने सडन डैथ में भारत को खिताबी जीत दिलाई. भारत ने 13 साल बाद जाकर एशिया कप का खिताब अपने नाम किया है.

भारत ने इससे पहले 2004 में दिल्ली में जापान को 1-0 से हराकर खिताब जीता था. भारत इस टूर्नामेंट में 1999 और 2009 में उपविजेता भी रहा है. भारत की महिला टीम की इस जीत के साथ अब एशिया में पुरुष और महिला हॉकी खिताब एक साथ भारत के नाम आ गए हैं.

भारतीय हॉकी के इतिहास में 14 साल बाद जाकर यह मौका आया है जब पुरुष और महिला एशिया कप भारत की झोली में आ गए हैं. इससे पहले 2003 में दोनों खिताब भारत के नाम एकसाथ आए थे. भारत ने ग्रुप चरण में भी चीन को 4-1 से हराया था और अब खिताबी मुकाबले में चीन को शूटआउट में शिकस्त देकर नया इतिहास बना दिया.

भारत ने इस जीत से चीन से 2009 के फाइनल में मिली हार का बदला भी चुका लिया. भारत ने मैच के 25वें मिनट में नवजोत कौर के मैदानी गोल से बढ़त बनाई. लेकिन चीन ने 47वें मिनट में तियानतियान लुआओ के पेनल्टी कार्नर पर किये गये गोल से बराबरी हासिल कर ली. मैच फिर शूटआउट में चला गया. शूटआउट में दोनों ही टीमों ने चार-चार बार निशाने साधे.

भारत के लिए कप्तान रानी, मोनिका, नवजोत कौर और लिलिमा मिंज ने निशाने साधे जबकि नवनीत कौर अपना मौका चूक गईं. चीन के लिए मियू लियांग, वेनयू जू, ना वांग और यी चेन ने निशाने साधे. लेकिन कप्तान क्यूजिया कुई मौका चूक गईं.

इसके बाद सडन डैथ में कप्तान रानी ने मौका भुनाया जबकि मियू लियांग मौका चूक गई. इसके साथ ही भारतीय खिलाड़ी एशिया कप चैंपियन बनने की खुशी में उछल पड़ी.और एक-दूसरे को बधाई देने का सिलसिला शुरु हो गया.भारतीय महिला हॉकी के लिए वाकई यह एक गौरवपूर्ण क्षण था.

महिला टीम ने इस तरह पुरुष टीम की उपलब्धि को दोहरा दिया. भारतीय पुरुष टीम ने हाल ही में ढाका में मलेशिया को 2-1 से हराकर एशिया कप का खिताब जीता था. भारतीय टीम पूरे टूर्नामेंट में अपराजित रही. उसने पूल चरण में सिंंगापुर को 10-0, चीन को 4-1, मलेशिया को 2-0, क्वार्टर फाइनल में कजाखिस्तान को 7-1 और सेमीफाइनल में गत चैंपियन जापान को 4-2 से हराया था.

भारत ने पूरे टूर्नामेंट में 28 गोल दागे. इससे पहले दक्षिण कोरिया ने मेजबान जापान को 1-0 से हराकर तीसरा स्थान हासिल किया. जापान को चौथा, मलेशिया को पांचवां, थाईलैंड को छठा, कजाखिस्तान को सातवां और सिंगापुर को आठवां स्थान हासिल हुआ.

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