दावोस में आयोजित वल्र्ड इकोनोमिक फोरम में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने दुनिया के चोटी की कम्पनियों के चीफ एग्जीक्यूटिव आफिसरों से कहा कि भारत का अर्थ है व्यापार और वे भारत में आकर निवेश व व्यापार करें, वे अच्छे स्वास्थ्य, समृद्धि और शांति के लिए भारत आएं.

1997 में भारत की जी.डी.पी. 400 बिलीयन डालर थी और अब यह 6 गुना बढ़ गयी है. उन्होंने कहा कि दुनिया में सरकारें बात तो ग्लोबलाइजेशन (वैश्वीकरण) की करती हैं पर वे आत्म केंद्रित होते जा रहे हैं और बजाय वैश्विक रूप के अपने आप में सिकुड़ते जा रहे हैं. नये-नये प्रकार के टेरिफ नान टेरिफ बैरियर देखने में आ रहे हैं.

आज डाटा सबसे बड़ी सम्पदा बन गया है, जिसका भी डाटा पर नियंत्रण होगा, वही भविष्य पर नियंत्रण करेगा. इस समय दुनिया के सामने 3 सबसे बड़ी चुनौतियां जलवायु परिवर्तन, आतंकवाद और संरक्षणवाद के रूप में आ खड़ी हुई हैं. हमें प्राकृतिक संसाधनों के तर्कसंगत इस्तेमाल पर ध्यान देना होगा.

जलवायु परिवर्तन से ध्रुवीय क्षेत्रोंं में बर्फ पिघल रही है और कई द्वीप डूबने वाले हैं. अत्याधिक गर्मी और ठंड का प्रभाव दिन पर दिन बढ़ रहा है. यह मानव सभ्यता के लिये सबसे बड़ा खतरा है.

जिनेवा विश्व विद्यालय के प्रोफेसर स्चाब द्वारा इस फोरम की स्थापना पहले यूरोपीयन प्रबंधन के नाम से 1971 में की थी और सन् 1987 में विश्व स्तर पर बढ़ाकर विश्व आर्थिक फोरम का नाम दे दिया गया. इस सम्मेलन में 70 देशों के 350 नेता भाग लेंगे.

हर साल जनवरी के महीने में इस फोरम की बैठक होती है जो दुनिया को आर्थिक विकास की ओर प्रेरित करती है. इस सम्मेलन में श्री मोदी ने विश्व के अनेक औद्योगिक क्षेत्रों के प्रमुख व्यक्तियों से भारत में निवेश, व्यापार व उद्योग स्थापना के बारे में चर्चा की.

श्री मोदी ने कहा कि मनभेदों को दरकिनार कर विश्व की बड़ी ताकतों के बीच सहयोग बढ़े, प्रतिस्पर्धा की दीवार न बनायी जाये, साझा चुनौतियों का मिलकर मुकाबला किया जाए, अंतराष्ट्रीय कानूनों का ईमानदारी से पालन हो. इसके साथ ही विश्व की बड़ी संस्थाओं में बदलाव व विस्तार लाना ही पड़ेगा. सभी विश्व स्तर पर सोच बनेगा. देशों को अपने आप में केंद्रित होना वैश्विक भावना व विकास के प्रतिकूल होगा.

संयुक्त राष्ट्र की आर्थिक संख्या इन्टरनेशनल मोनीटरी फंड (आई.एम.एफ.) के बाद अब ग्लोबल सी.ई.ओ. के अध्ययन में कहा गया है कि सन् 2018 में भारत की अर्थव्यवस्था सबसे तेजी से बढ़ेगी. भारत की आर्थिक गणना (रेकिंग) पांचवें स्थान पर है. नोटबंदी व जी.एस.टी. से बीते साल में भारत की अर्थव्यवस्था सुस्त रही थी. आई.एम.एफ. के अनुमान के अनुसार सन् 2019 में भारत की विकास दर 7.8 प्रतिशत हो जायेगी.

दाओस में प्रधानमंत्री श्री मोदी ने स्विटजरलैंड के राष्ट्रपति से भी भेंट की. नागरिक विमानन में स्विस वायुसेना कम्पनी भारत की कम्पनियों में सहयोग बढ़ा रही है. दोनों नेताओं ने काला धन के संदर्भ में कर सूचना (टैक्स इंफरमेशन) के आदान प्रदान में प्रगति पर भी चर्चा की. श्री मोदी के इस दावोस दौरे से भारत में निवेश आने के अवसर बढ़ गये हैं.

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