pranab-minskमिंस्क, 3 जून. राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी दो देशों की यात्रा के दूसरे और अंतिम पड़ाव में कल रात बेलारूस की यात्रा पर यहां पहुंचे. बेलारूस के उप प्रधानमंत्री व्लादिमीर सेमाश्को ने हवाई अड्डे पर राष्ट्रपति की अगवानी की. श्री मुखर्जी स्वीडन की अपनी सफल यात्रा के बाद यहां पहुंचे.

श्री मुखर्जी ने स्वीडन की अपनी यात्रा के दौरान शहरी विकास,स्वास्थ्य,शिक्षा तथा सूक्ष्म और लघु उद्योग संबंधी कई समझौतों पर हस्ताक्षर किये. राष्ट्रपति की स्वीडन यात्रा से भारत और स्वीडन के बीच व्यापार तथा निवेश बढ़ाने में मदद मिलेगी. राष्ट्रपति ने स्वीडन की कंपनियों को भारत में निवेश के लिए आमंत्रित किया. उन्होंने इसके लिए भारत के बड़े बाजार होने तथा बड़ी संख्या में तकनीकी रूप से दक्ष कर्मचारियों और निवेश एवं व्यापार के लिए अनुकूल माहौल मौजूद रहने का हवाला दिया है.

श्री मुखर्जी ने अपनी स्वीडन की यात्रा के दौरान भारत तथा स्वीडन के बेहतर भविष्य में परस्पर सहयोग विषय पर एक सम्मेलन को संबोधित किया था जिसमे उन्होंने कहा था कि दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को बढावा देने और मजबूत बनाने की काफी संभावनाएं है. श्री मुखर्जी ने यहां ग्रैंड होटल में व्यापार सम्मेलन में कहा देश में निवेश की इच्छुक कंपनियों के लिए भारत के पास तीन बडे सुअवसर है. पहला इसके पास 2.5 अरब लोगों का बडा बाजार है, जिसमें से सबसे बडा वर्ग ऐसे उपभोक्ताओं का है जो मध्यम वर्ग से हैं. ऐसे लेागों की तादाद करीब 30 करोड है. दूसरा भारत के पास बडी संख्या में तकनीकी रूप से दक्ष कर्मचारी है और ऐसी जनसंख्या है जिसकी दो तिहाई आबादी काम करने वाली आयु वर्ग की है. तीसरा भारत में निवेश और व्यापार के लिए अनुकूल माहौल है. राष्ट्रपति ने स्वीडन उद्यमियों से भारत में निवेश और व्यापार के अनुकूल माहौल का फायदा उठाने के लिए कहा. उन्होंने कहा ऐसा माहौल पैदा किया गया है जो निवेश और व्यापार के अनुकूल है, स्वीडन के व्यापारियों को इसका फायदा उठाना चाहिए. स्वीडन के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के साथ अपनी बैठकों के दौरान दोनों देशों ने व्यापार को बढाने की इच्छा जताई. राष्ट्रपति ने स्वीडन पार्लियामेंट के अध्यक्ष और स्वीडन में विपक्ष के नेता से भी मुलाकात की.स्वीडन की अपनी यात्रा के दौरान उन्होंने देश में भारतीय समुदाय के लोगों से भी मुलाकात की थी.

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