kirbyवाशिंगटन,  अमेरिका ने परमाणु आपूर्ति समूह (एनएसजी) के सदस्य देशों से अगले सप्ताह सियोल में होने जा रही बैठक में भारत की सदस्यता के दावे का समर्थन करने की अपील की है। व्हाइट हाऊस के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने नियमित संवाददाता सम्मेलन में बताया कि अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के हालिया वाशिंगटन दौरे में एनएसजी की सदस्यता के लिए भारत के आवेदन का स्वागत किया था।

उन्होंने कहा कि भारत एनएसजी की सदस्यता प्राप्त कर ही लेगा, इसकी भविष्यवाणी नहीं की जा सकती, लेकिन अमेरिका ने भारत के प्रवेश के समर्थन को स्पष्ट कर दिया है। अमेरिका एवं कई अन्य प्रमुख देश जहाँ भारत के परमाणु अप्रसार का रिकॉर्ड देखते हुए 48 सदस्यीय एनएसजी में उसके प्रवेश का समर्थन कर रहे हैं वहीं पाकिस्तान के दबाव में चीन ने इसका विरोध किया है।

चीन की मीडिया ने यह मानते हुए कि भारत एनएसजी की सदस्यता के बेहद करीब पहुँच गया है, कहा है कि इस समूह में उसके प्रवेश से पाकिस्तान के साथ परमाणु संतुलन टूट जाएगा। चीन के सरकारी अखबार “ग्लोबल टाइम्स” के एक लेख में कहा गया था कि एनएसजी में भारत के प्रवेश से दक्षिण एशिया का सामरिक संतुलन बिगड़ जाएगा और पूरे एशिया-प्रशांत क्षेत्र में शांति एवं स्थिरता पर संकट के बादल छा जाएँगे। उसमें यह भी कहा गया था कि यदि प्रक्रिया नियमसानुसार हो तो चीन भी भारत के प्रवेश का समर्थन कर सकता है।

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