06pic2नई दिल्ली, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जब तक हम अपनी जरूरतों के हिसाब से प्रौद्यौगिकी तैयार नहीं करेंगे तब तक हमारी समस्याएं खत्म नहीं होंगी. इसके लिए स्वदेशी प्रौद्यौगिकी विकसित करनी होंगी. उन्होंने कहा कि देश के समक्ष लाखों समस्याएं हैं लेकिन इनसे निपटने के लिए एक अरब से भी ज्यादा दिमाग हमारे पास हैं.

यहां राष्ट्रपति भवन में आयोजित विजिटर सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने यह बात कही. उन्होंने कहा कि विज्ञान हालांकि सार्वभौम है लेकिन प्रौद्यौगिकी स्थानीय जरूरतों के हिसाब से होनी चाहिए. इसलिए हमें शोध और इनोवेशन के जरिये किफायती एवं व्यवहार्य तकनीक विकसित करनी होंगी. सम्मेलन में केंद्रीय विश्वविद्यालयों के कुलपति, आईआईटी, एनआईटी, आईआईम, सीएसआईआर एवं उच्च शिक्षण एवं शोध संस्थानों के प्रमुखों ने भाग लिया.

 

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