modiसोल, 18 मई. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का दबदबा बढ़ रहा है और पिछले एक साल में भारत के प्रति न सिर्फ दुनिया के स्वर बदले हैं बल्कि नजरिया भी बदल गया है. तीन देशों की यात्रा के आखिरी दौर में दक्षिण कोरिया पहुंचे श्री मोदी ने भारतीय समुदाय को ‘मोदी मोदीÓ के नारों के बीच कहा, पिछले 15 सालों में दुनिया के स्वर बदले हैं. 21वीं सदी में भारत सूर्योदय का देश है. पिछले एक साल में दुनिया के सिर्फ स्वर ही नहीं बदले, बल्कि नजरिया भी बदल गया. उन्होंने कहा कि अब दुनिया को भी लगने लगा है कि भारत के बिना ब्रिक्स संभव नहीं है. ब्रिक्स में भारत, चीन, रूस, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं.

भारत की कार्यसंस्कृति में आए बदलाव का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि पहले भारत में कर्मचारी सरकारी दफ्तर में वक्त पर पहुंचते थे तो खबर बनती थी, लेकिन हमारी सरकार आने के बाद यह परंपरा बन गई है. उन्होंने कहा, मैं 125 करोड़ लोगों में कर्तव्य की भक्ति जगाने का काम कर रहा हूं. ये भक्ति जाग गई तो भारत को आगे बढऩे से कोई ताकत नहीं रोक सकती. भारत की विदेश नीति का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि 21वीं सदी में भारत बहुत बड़ी भूमिका निभाएगा. उन्होंने कहा, मेरी सरकार की नीति है एक्ट ईस्ट पॉलिसी. श्रीलंका में 5 भारतीय मछुआरों को फांसी की सजा हुई, हमने उन्हें बचाया. भारत ने मानवीय मूल्यों को आधार बनाकर दुनिया को जोडऩे का काम किया है.

हमने बंगलादेश से सीमा विवाद खत्म किया. मालद्वीप के पास पानी नहीं था, हमने वहां विमान से पानी भेजा. नेपाल में भूकंप की आपदा आई तो हमने लोगों के आंसू पोंछे. यमन से हम पाकिस्तानी नागरिकों को भी छुड़ाकर लाए. अफगानिस्तान में फादर प्रेम को तालिबान ने अगवा किया, हमने एक साल बाद छुड़ाया. दक्षिण कोरिया के साथ भारतीय संबंधों को ऐतिहासिक बताते हुए श्री मोदी ने कहा कि सदियों पहले अयोध्या की राजकुमारी सूर्यारत्ना की शादी कोरिया के राजकुमार किम से हुई थी. इसलिए दोनों देशों का रिश्ता सदियों पुराना है.

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