bpl3भोपाल,  इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय के शैलकला धरोहर प्रदर्शनी भवन में आयोजित प्रदर्शनी भारत के लोग ने दर्शको को खूब दिल जीत रही है.

यह प्रदर्शनी संग्रहालय द्वारा भारतीय मानव विज्ञान सर्वेक्षण, मध्य क्षेत्रीय केंद्र, नागपुर के सहयोग से भारत के लोगों के सांस्कृतिक इतिहास को दर्शाती है. भारतीय मानव विज्ञान सर्वेक्षण ने भारत के लोग अनुसंधान कार्य पर लगभग 80 के दशक में प्रारंभ किया एवं लगभग सभी राज्यों के जाति समूह पर पुस्तकें प्रकाशित की जा चुकी है.

भारतीय मानव विज्ञान सर्वेक्षण ने राष्ट्रीय परियोजना भारत के लोग के माध्यम से 4693 समुदाय जिनमे 635 जनजातीय समुह हैं, की पहचान की है. भारत में लगभग 750 बोलियाँ ह,ै जिनकों निम्न तीन भाषायी समूह अस्त्रों-एशियाटिक, द्रविडियन एवं तिब्बतो-बर्मन में वर्गीकृत किया जा सकता है. यह प्रदर्शनी भारत के लोंगों का जैव-सांस्कृतिक इतिहास प्रस्तुत करती हैं.

इस प्रदर्शनी में मानव उद्विकास एवं विभिन्नता की वैज्ञानिक रूपरेखा, उनका देशांतरण, उनके द्वारा निर्मित विभिन्न अनुकूलन व्यूह रचना, जीव-जंतु एवं वनस्पति से संबंधित उनके दृष्टिकोण को दर्शाया गया हैं. अनुवांशिक एवं प्राग-एतिहासिक प्रमाणों के अलावा रचना से संबंधित मौखिक एवं लिखित प्रमाण, मानव पांरपरिक ज्ञान एवं उनकी गतिशीलता को भी प्रकाश में लाने का कार्य इस प्रदर्शनी में किया गया हैं. इस दौरन बड़ी संख्या में लोग प्रदर्शनी देखने आ रहे है.