karjaiइस्लामाबाद,  अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई ने कहा है कि पाकिस्तान भारत के साथ उसके सौहार्दपूर्ण संबंधों के विरुद्ध है। श्री करजई ने कहा, “पाकिस्तान नहीं चाहता है कि मध्य एशिया तक भारत की पहुँच हो और उसके साथ द्विपक्षीय व्यापार हो, जो अफगानिस्तान को स्वीकार्य नहीं है।”

पाकिस्तान के अखबार “डॉन” ने बीबीसी की उर्दू सेवा को दिये श्री करजई के साक्षात्कार के आधार पर उनके हवाले से कहा है, “भारत अफगानिस्तान के साथ सच्ची दोस्ती चाहता है और हम चाहते हैं कि पाकिस्तान भी ऐसा ही करे।” श्री करजई ने दावा किया कि भारत अफगानिस्तान को आधारभूत संरचना एवं चिकित्सा सुविधाएँ तैयार करने में मदद की है। उन्होंने कहा, “भारत ने स्वयं एक गरीब देश होने के बावजूद अफगानिस्तान को पैसे से भर दिया है।”

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को भी अफगानिस्तान, भारत एवं ईरान के बन रहे क्षेत्रीय गठजाेड़ का हिस्सा बनना चाहिए, लेकिन उसकी शर्त यह है कि अफगानिस्तान भारत के साथ कोई संपर्क नहीं रखे। उन्होंने कहा, “यदि यह मुद्दा सुलझ जाये तो पाकिस्तान के साथ हमारे संबंध खुद सुधर जाएँगे।”

श्री करजई ने आतंकवाद का जिक्र करते हुए जोर देकर कहा कि इसने पाकिस्तान और अफगानिस्तान दोनों देशों के लोगों को प्रभावित किया है, लेकिन हमें लगता है कि उन्हें सुरक्षित पनाह मिल गयी है और पाकिस्तान से उनको मदद भी मिल रही है। उन्होंने कहा, “जब यह रुक जाएगा, पाकिस्तान में भी शांति हो जाएगी।”

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