मुंबई,   डीएचएफएल प्रामेरिका म्युचुअल फंड के ईडी और सीआईओ बी पी सिंह का कहना है कि चीन की दिक्कत भारत के लिए फायदेमंद है क्योंकि अब चीन से पैसा निकलकर भारतीय बाजारों में आने की उम्मीद है। चीन में मंदी आने के चलते वहां से आने वाली कमोडिटी की मांग कम हो गई है जिसका असर कई देशों पर पड़ रहा है और कमोडिटी की कीमतें कम हो गई हैं। हालांकि वैश्विक कमोडिटी कीमतों में गिरावट का भारत को फायदा होगा। इसके अलावा चीन ने अपनी करेंसी युआन को डीवैल्यू किया है जिससे चीन को एक्सपोर्ट करने वाले देशों के ऊपर भी निगेटिव असर आया है।

एफआईआई चीन के बाजारों से पैसा निकाल रहे हैं और दिसंबर में ही चीन के बाजारों से 100 अरब डॉलर का कैश फ्लो निकल चुका है। चीन अपनी अतिरिक्त पूंजी को कई बाजारों में निवेश कर रहा थी और उसमें भी कमी आई है। निवेशकों का भरोसा चीन में कम हो गया है।

चीन की मंदी से भारतीय बाजार अब उभरते बाजारों में काफी आकर्षक लग रहे हैं और 1-2 महीने बाद बाजार में तेजी आएगी। चीन के बाजारों में गिरावट से भारत के बाजारों पर सकारात्मक असर होगा। बाजार में गिरावट में निवेश के मौके हैं तो निवेशक गिरावट से घबराएं ना। चीन का आने वाले समय में अपनी इकोनॉमी पर ध्यान रहेगा तो कमोडिटी की कीमतें कम ही रहेंगी जिसका फायदा भारत को मिलेगा।

चीन से पैसा निकलने के बाद भारतीय बाजारों में निवेश आने के संकेत लग रहे हैं। हालांकि भारत से भी एफआईआई ने काफी पैसा निकाला है और पिछले 6 महीने में भारत के बाजारों से 4 अरब डॉलर का पैसा निकल चुका है। ईटीएफ फंड से पैसे निकल रहे हैं। हालांकि घरेलू संस्थागत निवेशकों के दम पर बाजार में इतनी गिरावट नहीं आई हगै जितनी आशंका थी।

तेल के और नीचे आने से वैकल्पिक ऊर्जा स्त्रोतों के दाम और महंगे हो जाएगे जो कई देशों के लिए अच्छे संकेत नहीं रहेंगे। कई देश जिनकी इकोनॉमी कच्चे तेल के आधार पर चलती है उनके लिए निगेटिव संकेत हो रहे हैं। अगर कच्चा तेल 20 डॉलर तक नीचे जाएगा तो भारत को नुकसान हो सकता है। कच्चे तेल के 30-40 डॉलर के बीच के दायरे में रहना भारत के लिए अच्छा रहेगा।

इंफ्रास्ट्रक्चर ग्रोथ काफी अच्छी रहने वाली है तो इन कंपनियों पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए और इनमें शानदार तेजी की उम्मीद है। इस समय इंफ्रा, कैपिचट गुड्स, कंस्ट्रक्शन सेक्टर, इंफ्रा इक्विपमेंट सेगमेंट की कंपनियों के लिए काफी अच्छी तेजी का मौका मिल सकता है।

निवेशक इन शेयरों में अभी निवेश कर सकते हैं और फिलहाल ये शेयर सस्ते वैल्यूएशन पर भी मिल रहे हैं। इसके अलावा जल्दी ही जीएसटी लागू होने की उम्मीद है। जीएसटी आने से लॉजिस्टिक शेयरों को फायदा होगा और इनमें बड़ी तेजी आएगी।

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