oliनयी दिल्ली,  नेपाल के प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली ने आज कहा कि उनका देश भारत एवं चीन दोनों की संवेदनशीलता का सम्मान करता है हालाँकि भारत के साथ कारोबार एवं अन्य रिश्तों को प्रगाढ़ बनाना नेपाल की प्राथमिकता होगी।
श्री ओली ने यहाँ भारतीय वैश्विक संबंध परिषद 21 वें सप्रू हाउस व्याख्यानमाला को संबोधित करते हुए कहा कि भारत और नेपाल का भविष्य एक दूसरे से जुड़ा है क्योंकि वे भौगोलिक रूप से अविखण्डनीय हैं।

दोनों देशों की खुली सीमा भारत और नेपाल की जनता के बीच परस्पर भरोसे और आपसी रिश्तों की गहराई का प्रतीक है जिसका वह बहुत सम्मान करते हैं और वह चाहते हैं कि यह स्थिति हमेशा बनी रहे। किसी विदेशी शक्ति द्वारा नेपाल का भारत के खिलाफ इस्तेमाल होने की धारणा को खारिज करते हुए उन्होंने कहा, हम भारत के खिलाफ निर्देशित किसी भी विदेशी ताकत को इसके लिये नेपाल की धरती का इस्तेमाल नहीं होने देगें.

उन्होंने कहा कि नेपाल को इस बात की बहुत खुशी है कि उसके दोनों पड़ोसी भारत और चीन दुनिया की सबसे तेज गति से बढ़ती अर्थव्यवस्था हैं. हम दोनों देशों को एक दूसरे की कीमत पर नहीं आँकते. हम इसे साझेदारी का एक अवसर मानते हैं. नेपाल की समृद्धि उसके पड़ोसियों के भी हित में है. श्री ओली ने कहा कि नेपाल आर्थिक विकास एवं ढाँचागत परियोजनाओं के लिये भारत की ओर देख रहा है.