नयी दिल्ली,   भारत एवं नेपाल ने अपनी सदियों की दोस्ती को परवान चढ़ाने का आज संकल्प लिया और लंबित पनबिजली एवं कनेक्टिविटी परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेज़ी लाने का फैसला किया, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भारत की पांच दिन की यात्रा पर आये नेपाल के प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा के बीच यहां हैदराबाद हाउस में हुई प्रतिनिधिमंडल स्तर की बैठक में ये निर्णय लिये गये।

दोनों नेताओं ने इस मौके पर संयुक्त रूप से कटैया-कुसहा और रक्सौल-परवानीपुर विद्युत पारेषण लाइनों का उद्घाटन किया जिनसे नेपाल को एक सौ मेगावाट अतिरिक्त बिजली की आपूर्ति की जा सकेगी।

बैठक में भारत और नेपाल के बीच परस्पर सहयोग के कुल आठ करार पर हस्ताक्षर किये गये जिनमें भूंकप के बाद पुनर्निर्माण पैकेज में एक अरब डॉलर की सहायता में से 50 हजार आवासों के निर्माण के लिये अनुदान के आवश्यकता अनुसार प्रयोग तथा शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सांस्कृतिक धरोहरों के लिये के उपयोग, मेची नदी पर पुल के निर्माण के लिये लागत आदि को लेकर सहयाेग, नशीले पदार्थों एवं प्रतिबंधित रसायनों की तस्करी रोकने, मानकीकरण एवं अनुरूपता का निर्धारण तथा भारत एवं नेपाल के सनदी लेखाकार संस्थानों के बीच सहयोग के समझौते शामिल हैं।

श्री मोदी ने करीब दो घंटे तक चली इस बैठक के बाद संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में श्री देउबा का नेपाली भाषा में स्वागत करते हुए कहा, “भारत को छीमेकी मित्र राष्ट्र नेपाल को प्रधान मंत्री राइट आॅनरेबुल शेर बहादुर देउबा जी, अन्य नेपाली अतिथिगण, तपायींहरू का भारत मा हार्दिक स्वागत गर्दा मलाई धेरे ख़ुशी लागद छ”

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