नयी दिल्ली/वाशिंगटन,  भारत ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प प्रशासन के अधिकारियों के साथ एच-1 बी वीजा और कंसास में गोलीबारी के साथ अमेरिका में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाया है।

भारत के विदेश सचिव डॉ. एस जयशंकर ने अपने चार दिवसीय अमेरिकी यात्रा के क्रम में इन मुद्दों को उठाया। इन मुद्दों से अमेरिका में रहने वाले भारतीय खासे उत्तेजित हैं और वे चाहते हैं कि श्री ट्रम्प के जीतने के बाद तीसरे दौरे के दौरान डॉ. जयशंकर के एजेंडे में ये मुद्दे प्राथमिकता पर रहें।

विदेश सचिव ने आज वाशिंगटन में एक संवाददाता सम्मेलन में अपनी यात्रा को बहुत उपयोगी बताते हुए कहा कि वह आतंकवाद, अफगानिस्तान और एशिया प्रशांत क्षेत्र के अलावा व्यापक द्वीपक्षीय मुद्दों पर भी चर्चा हुई। उन्होंने कहा,“सद्भावना के लिए बहुत कुछ है और रिश्तों को आगे ले जाने के भी व्यापक हित हैं।” डॉ. जयशंकर ने कहा,“ एच1-बी वीजा के मसले पर हमने अवगत कराया है कि इससे अमेरिकी अर्थव्यवस्था को मदद मिलती है।”

एच-1बी वीजा एक गैर-प्रवासी वीजा है , जिसके जरिये अमेरिकी कंपनियों को अपने तकनीकी एवं अन्य क्षेत्र में विदेशी कर्मचारियों को अपने यहां काम पर रखने की अनुमति है। अमेरिका भारतीयों के लिये प्रत्येक वर्ष 65 हजार एच1- बी वीजा जारी करता है। उन्होंने कहा,“एच1-बी एक व्यवसाय का मसला है भले ही अमेरिकी नागरिक इसे आव्रजन का मसला मानें।”

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