mp1इंदौर,  मध्यप्रदेश के इंदौर में आयोजित तृतीय अंतराष्ट्रीय धर्म धम्म सम्मलेन के दूसरे दिन आज केरल के मर्थोमा सभा के प्रमुख जोसेफ मर्थोमा ने कहा कि भारत को धन्यवाद देता हूं कि उसने पूरे विश्व को गांधी जी के रूप में फादर ऑफ द नेशन दिया ।

पहले सत्र शुरू में साउथ कोरिया की डोंगगक यूनिवर्सिटी के प्रो. सुनकेंन किम, जोसेफ मर्थोमा, मेट्रोपोलिटिन चेन्नई के विष्णु मोहन फाउंडेशन के हरी प्रसाद स्वामी, होलीस्टिक साइंस रिसोर्स सेंटर के अतिथि प्रोफेसर डॉ. शैलेश मेहता और लोटस टेम्पल के ट्रस्टी डॉ. ए के मर्जेंट ने अपने विचार रखे।

श्री मर्थोमा ने गांधी जी के सिद्धांत, भारत की आजादी के लिए संघर्ष, उनके अहिंसावादी और अथक प्रयासों की चर्चा की। उन्होंने कहा कि आपका रंग आपमें भेद नहीं करता बल्कि आपकी सोच आपमें रंग भेद करवाती है । सभी लोग एक साथ एक ही बात का समर्थन नहीं कर सकते, लेकिन जिस बात पर समर्थन करते हों उस पर मजबूती के साथ आगे बढऩा चाहिए। आपको किसी से नफरत करने का अधिकार नहीं है क्योंकि आपको उस गॉड ने केवल प्यार और उसे बढ़ाने के लिए यहां भेजा है ।

डॉ. शेलेश मेहता और डॉ. ए के मर्जेंट ने अपने अपने धर्मों के विचारों का उद्बोधन दिया । दोनों ने अलग अलग थ्योरी के माध्यम से मानव धर्म को समझाने का प्रयास किया। डॉ. शैलेश मेहता ने बताया कि कैसे आप अपने आप को खुश रख सकते हैं और कैसे आपसी भेद भाव को मिटाया जा सकता है। डॉ. ए के मर्जेंट ने आतंकवाद को अंतर्राष्ट्रीय मुद्दा बताते हुए कहा कि इसके लिए सभी देशों को एक होकर इसके विरुद्ध ल?ना होगा ।

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