CRICKET-BAN-INDभारत ने बांग्लादेश को 77 रन से हराया, क्लीन स्वीप के मंसूबों पर पानी फेरा, मैन ऑफ द मैच भारत के सुरेश रैना, सीरीज का पुरस्कार मुस्तफीजुर रहमान

मीरपुर, 24 जून. सलामी बल्लेबाज शिखर धवन और कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की अर्धशतकीय पारियों की बदौलत बड़ा स्कोर खड़ा करने वाले भारत ने बुधवार को यहां तीसरे और आखिरी एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच में 77 रन की बड़ी जीत दर्ज करके तीन मैचों की श्रृंखला में क्लीन स्वीप करने के बांग्लदेश के मंसूबों पर पानी फेर दिया.

मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार भारत के सुरेश रैना और सीरीज का पुरस्कार मेजबान टीम के मुस्तफीजुर रहमान को दिया गया. जीत के बाद जहां भारतीय टीम एकजुट दिखी वहीं विराट कोहली ने कप्तान महेंद्र ङ्क्षसह धोनी को गले लगाकर बधाई दी. धवन ने 73 गेंद पर दस चौकों की मदद से 75 रन बनाये जबकि धोनी ने 77 गेंदों पर 69 रन की पारी खेली. भारतीय कप्तान ने अंबाती रायुडु (49 गेंद पर 44 रन) के साथ चौथे विकेट के लिये 93 रन की साझेदारी की. सुरेश रैना ने आखिर में 21 गेंद पर 38 रन बनाकर पहले बल्लेबाजी का न्यौता पाने वाले भारत का स्कोर छह विकेट पर 317 रन तक पहुंचाया. बांग्लादेश की टीम बड़े लक्ष्य के सामने शुरू में दबाव में आ गई. ऐसे में नियमित अंतराल में विकेट गंवाने से उसकी परेशानी और बढ़ गयी और पूरी टीम 47 ओवर में 240 रन पर आउट हो गई.

शब्बीर रहमान (43), सौम्या सरकार (40), लिट्टन दास (34), नासिर हुसैन (32) आदि ने अच्छी शुरुआत की लेकिन वे दबाव में बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे. रैना भारत के सबसे सफल गेंदबाज रहे. उन्होंने 45 रन देकर तीन विकेट लिये जबकि धवल कुलकर्णी और रविचंद्रन अश्विन ने दो-दो विकेट हासिल किए.
इस हार से बांग्लादेश का अपनी सरजमीं पर लगातार दस जीत करने के अभियान पर भी विराम लग गया. उसने पहले दो मैच जीतकर श्रृंखला पहले ही नाम पर कर दी थी. इन दोनों मैचों के नायक मुस्तफीजुर रहमान रहे लेकिन आज वह 57 रन देकर दो विकेट ही ले पाये. उन्होंने श्रृंखला में कुल 13 विकेट हासिल किये. इससे रन गति धीमी पड़ गयी जिसका बल्लेबाजों पर दबाव बना. विराट कोहली (35 गेंद पर 25 रन) ऐसे में शाकिब अल हसन की गेंद पर स्लाग स्वीप करने के प्रयास में बोल्ड हो गए, जिससे धवन के साथ उनकी 75 रन की साझेदारी भी टूट गई. इस श्रृंखला से पहले बांग्लादेश की सरजमीं पर प्रत्येक मैच में कम से अर्धशतक जडऩे वाले कोहली ने इस बार तीन मैचों में केवल 49 रन बनाये. धोनी फिर चौथे नंबर पर बल्लेबाजी के लिये उतरे. उन्होंने नासिर हुसैन की दो ढीली गेंदों को चौके और छक्के लिये भेजा, लेकिन तभी धवन आउट हो गये. मुर्तजा ने उन्हें पवेलियन भेजा लेकिन इसका श्रेय नासिर को जाता है जिन्होंने मिडविकेट पर बेहतरीन कैच लपका. पहले दो मैचों में बल्लेबाजी पावरप्ले और मुस्तफीजुर का दूसरा स्पैल भारत के लिये घातक साबित हुआ था. आज पावरप्ले में भले ही 29 रन बने लेकिन कोई विकेट नहीं गिरा. मुस्तफीजुर ने दूसरे स्पैल में दो ओवर किए और आठ रन दिए लेकिन उन्हें विकेट नहीं मिला. धोनी ने इस बीच चौथे नंबर पर खेलते हुए 1000 रन पूरे किये. इसके कुछ देर बाद उन्होंने अपना 59वां वनडे अर्धशतक पूरा किया. रायुडु का हालांकि भाग्य ने साथ नहीं दिया. जब वह मजबूती से अर्धशतक की तरफ से बढ़ रहे थे तब अंपायर ने उन्हें मुर्तजा की गेंद पर विकेट के पीछे कैच आउट दे दिया. रीप्ले से साफ हो गया कि गेंद ने बल्ले को स्पर्श नहीं किया था. रायुडु अंपायर के फैसले से नाराज भी दिखे।इसके बाद बड़े लक्ष्य के सामने बांग्लादेश की शुरुआत अच्छी नहीं रही.
कुलकर्णी ने अपने पहले ही ओवर में तमीम इकबाल (पांच) को पगबाधा आउट किया और फिर सरकार को धीमी गेंद पर झांसा देकर मिडआन पर कैच कराया. सरकार ने इससे पहले कुछ करारे शाट जमाये. उन्होंने बिन्नी और कुलकर्णी की गेंदों पर छक्के जड़कर सातवें ओवर में स्कोर 50 रन के पार पहुंचा दिया था. रैना ने बाद में पिच से मिल रही मदद का अच्छा फायदा उठाया. मुशफिकर रहीम (30 गेंद पर 24 रन) रैना की लेंथ का सही अनुमान नहीं लगा पाए और धोनी ने बेहतरीन कैच लिया. अक्षर पटेल ने इसके बाद लिट्टन दास (50 गेंद पर 34 रन) की एकाग्रता भंग करके उन्हें सीधी गेंद पर बोल्ड किया. बांग्लादेश को शाकिब अल हसन (20) से उम्मीद थी लेकिन रैना ने उन्हें हवा में शाट खेलने के लिये मजबूर किया. कुलकर्णी ने दौड़ लगाकर शाकिब का कैच लपका जिससे शेरे बांग्ला स्टेडियम में वीरानी छा गई. शब्बीर रहमान और नासिर हुसैन भी बांग्लादेशी दर्शकों की उम्मीदों को पंख नहीं लगा पाए.
शब्बीर ने जरूर कुछ बड़े शाट खेले. बिन्नी ने उन्हें धीमी आफ कटर पर बोल्ड करके दर्शकों को सन्न कर दिया. इसके बाद अश्विन का जादू चला. उन्होंने पहले कप्तान मशरेफी मुर्तजा (शून्य) और फिर नासिर हुसैन को आउट करके भारत की जीत सुनिश्चित की.