नवभारत न्यूज भोपाल,

एससी-एसएसटी एक्ट के तहत तत्काल गिरफ्तारी पर सुप्रीम कोर्ट की रोक के विरोध में हुए प्रदेश भर में हिंसक प्रदर्शन के बाद भोपाल पुलिस व जिला प्रशासन के अधिकारी रात भर जागे और लोगों के बीच पहुंचे. कलेक्टर सुदाम खाडे और डीआईजी धर्मेंद्र चौधरी नए और पुराने शहर में जाकर लोगों को समझाते रहे और शांती बनाए रखने की अपील की. वहीं पुलिस ने मंगलवार को पुलिस ने फ्लैग मार्च किया, इसके साथ ही पुलिस सोशल मीडिया पर भी अपनी नजर रखे हुए है.

पुलिस अधिकारी व जिला प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंतित हैं, जिसके चलते जहां देर रात्रि में पुलिस अधिकारियों ने जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ मंथन किया और रणनीति बनाई, वहीं पुलिस का कहना है कि यहां पर स्थिति नॉर्मल है. इसके साथ ही राजधानी के चूनाभट्टी, कोलार, पिपलानी, अयोध्या नगर आदि क्षेत्रों में विशेष निगरानी की जा रही है.

फ्लैग मार्च में पुलिस, रैपिड एक्शन फ़ोर्स , वज्र और एसएएफ के वाहन शामिल रहे. सुरक्षा एजेंसियों और जिला प्रशासन की तरफ से निकाले गए साउथ में निकाले गए फ्लैग मार्च में 50 से ज्यादा गाडियां शामिल रहीं, इसमें पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारी मौजूद रहे.

साउथ का फ्लैग मार्च कंट्रोल रूम से प्रारंभ होकर रोशनपुरा चौराहा, बाण गंगा चौराहा, होटल पलाश, जवाहर चौक, डिपो चौराहा, पीएनटी चौराहा, अंबेडकर नगर, गीतांजलि माता मंदिर चौराहा, हर्षवर्धन नगर, मनीषा मार्केट, 10 नंबर मार्केट, आरओबी, साकेत नगर, गौतम नगर होते हुए चेतक ब्रिज, बोर्ड ऑफिस, जेल पहाड़ी होते हुए कंट्रोल रूम पहुंचा.

वहीं नार्थ क्षेत्र का फ्लैग मार्च एसपी नार्थ अजय सिंह के नेतृत्व में लाल परेड ग्राउण्ड से प्रारंभ होकर थाना तलैया तिराहा, मोती मस्जिद, रॉयल मार्केट, शाहजहांनाबाद, आर्मी बजरिया तिराहा, रेजीमेंट रोड, थाना टीला जमालपुरा से होते हुए गौतम नगर, डीआईजी बंगला, आरिफ नगर, देवकी नगर, हॉउसिंग बोर्ड करोंद, बेस्ट प्राईस होते हुए वापस लालपरेड ग्राउण्ड पर आकर समाप्त हुआ.

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