16sirisenaनई दिल्ली, 16 फरवरी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुर्सी संभालते ही पड़ोसी देशों के साथ संबंध सुधारने की तरफ कदम बढ़ा दिया था, अब उनकी ये पहल रंग लाती दिख रही है. अपने संबंधों को नए स्तर तक ले जाते हुए भारत और श्रीलंका ने सोमवार एक असैन्य परमाणु समझौते पर दस्तखत किए और रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग बढ़ाने पर भी सहमत हुए.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और श्रीलंकाई राष्ट्र्रपति मैत्रीपाला सिरीसेना के बीच हुई बातचीत के बाद इसकी घोषणा की गई. बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने एक रचनात्मक एवं मानवीय रुख अपनाकर मछुआरों से जुड़े संवेदनशील मुद्दे का समाधान तलाशने को लेकर प्रतिबद्धता जाहिर की. सिरीसेना के साथ एक ज्वाइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस में मोदी ने कहा असैन्य परमाणु सहयोग पर द्विपक्षीय समझौता हमारे आपसी विश्वास की एक और अभिव्यक्ति है. श्रीलंका द्वारा हस्ताक्षरित अपनी तरह का यह पहला समझौता है. इससे कृषि एवं स्वास्थ्य देखभाल जैसे क्षेत्रों सहित अन्य मामलों में भी सहयोग के नए रास्ते खुलते हैं. परमाणु समझौते के तहत ज्ञान एवं विशेषज्ञता के ट्रांसफर व आदान-प्रदान, संसाधन साझा करने, परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण इस्तेमाल में कर्मियों के क्षमता निर्माण एवं प्रशिक्षण जैसे सहयोग किए जाएंगे. रेडियोधर्मी कचरा प्रबंधन और परमाणु एवं रेडियोधर्मी आपदा राहत तथा पर्यावरण संरक्षण में भी सहयोग किया जाएगा.

कोलंबो में राष्ट्रपति के सलाहकार के अनुसार इस साल 9 जनवरी को राष्ट्रपति चुनाव में महिंदा राजपक्षे के 10 साल के शासन को उखाड़ फेंकने वाले 63 वर्षीय सिरीसेना भारत-श्रीलंका रिश्तों की नई शुरुआत की इच्छा रखते हैं।

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