paris_climateसंयुक्त राष्ट्र,  भारत ने 174 से अधिक देशों के साथ मिलकर संयुक्त राष्ट्र में ऐतिहासिक पेरिस जलवायु समझौते पर आज हस्ताक्षर किया।

भारत की तरफ से वन एंव पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावडेकर ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के सभागार में एक उच्च स्तरीय समारोह में इस एेतिहासिक समझौते पर हस्ताक्षर किए। समारोह में शासनाध्यक्षों, मंत्रियों, उद्योगपतियों और कलाकारों ने हिस्सा लिया जिनकी मेजबानी संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने की।

पेरिस जलवायु समझौते का उद्देश्य एक वैश्विक कार्ययोजना पर अमल के जरिये दुनिया के तापमान को भविष्य में और किसी भी सूरत में दो डिग्री सेंटीग्रेड से ज्यादा ना बढ़ने देने का है लेकिन इसमें इस बात का प्रयास किया जाएगा कि ग्रीन हाउस गैसों के उत्सर्जन में दुनिया के सारे देश इस सीमा तक कटौती करें कि तापमान वृद्धि 1.5 डिग्री सेंटीग्रेड की सीमा न पार कर सके।

पेरिस जलवायु समझौते के तहत विकसित राष्ट्र विकासशील राष्ट्रोेें को वार्षिक रुप से 100 बिलियन डाॅलर की राशि मुहैया कराएंगे ताकि 2025 तक जलवायु परिवर्तन से निपटा जा सके और एक नया लक्ष्य निर्धारित किया जा सके।

पेरिस जलवायु समझौते पर हस्ताक्षर करन के बाद देशों को अपने यहां से इस समझौते को मंजूरी दिलानी होगी। जब यूएनएफसीसी से जुड़े कम से कम 55 देश, जिनका वैश्विक उत्सर्जन कम से कम 55 फीसदी हो, इस समझौते को घरेलू स्तर पर मंजूरी प्रदान कर देंगे, तब उसके 30 दिनों के अंदर यह प्रभाव में आ जाएगा।

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