भोपाल/खुरई,   मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज कहा कि भावांतर योजना में जितनी भी राशि देना पड़े, किसानों को दी जाएगी. यह राशि सीधे किसानों के खातों में जाएगी.

चौहान आज सागर जिले के खुरई विधानसभा क्षेत्र में मुख्यमंत्री भावांतर भुगतान योजना के राज्य स्तरीय शुभारंभ समारोह को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने एक बार फिर कहा कि हमें खेती को लाभ का धंधा बनाने के लिए चार चीजों को ध्यान में रखना होगा. किसान फसलों की उत्पादन लागत कम करें, उत्पादन बढ़ाएं, सिंचाई की बेहतर व्यवस्था हो और फसल का वाजिब दाम मिले.

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान की फसल समर्थन मूल्य से नीचे नहीं बिकने दी जाएगी. किसान मंडी में फसल बेचेगा. समर्थन मूल्य और मंडी में खरीदी के बीच के अंतर की राशि सरकार देगी. फसल की खरीदी के लिए औसत मूल्य भी तय किया जायेगा.

योजना के बारे में बताते हुए चौहान ने कहा कि इसमें अभी तक 23 लाख किसान पंजीयन करा चुके हैं. इसका लाभ नौ माह बाद मिलेगा. खरीदी शुरू हो गई है, जो 15 दिसंबर तक चलेगी. उन्होंने बताया कि सोयाबीन और अन्य फस्लों के लिए तिथि 31 दिसंबर रखी गई है. योजना के तहत सही आंकलन के लिए सरकार मोबाइल एप भी बना रही है.

योजना में किसानों को देय राशि की गणना के प्रावधान के अनुसार यदि किसान द्वारा मण्डी समिति परिसर में बेची गई अधिसूचित फसल की विक्रय दर न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम परंतु राज्य शासन द्वारा घोषित मॉडल विक्रय दर से अधिक हुई, तो न्यूनतम समर्थन मूल्य तथा किसान द्वारा विक्रय मूल्य के अंतर की राशि किसान के खाते में अंतरित की जाएगी. समारोह की अध्यक्षता गृह एवं परिवहन मंत्री भूपेंद्र सिंह ने की.

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