प्रशासन ने 8 अफसरों को बदला,सरकार ने दिखाए सख्त तेवर

रुचिवर्धन नई एसपी रेल , जयदीप प्रसाद भोपाल रेंज के नए आईजी

भोपाल,राजधानी के वाङ्क्षशदों को दहला देने वाली शर्मनाक घटना में रविवार को भोपाल आईजी योगेश चौधरी भी लपेटे में आ गये, जबकि घटना के बाद पत्रकारों के सामने ठहाके लगाने वाली एसपी रेल अनिता मालवीय की विदाई भी सरकार ने कर दी है.

इस मामले में अब तक पुलिस के 8 अधिकारियों की विदाई हो चुकी है. 31 अक्टूबर की रात हुये इस गैंगरेप मामले में सरकार ने सख्त रुख अपना लिया है. पहले तीन थानों के टीआई एवं एक सीएसपी की विदाई हुई, फिर दो उपनिरीक्षक भी नप गये और अंतत: रविवार को भोपाल रेंज के आईजी योगेश चौधरी को भी हटा दिया गया.

जहां तक बात रेल एसपी अनिता मालवीय की है तो वहां उनकी विदाई पहले ही सुनिश्चित हो चुकी थी. अब उनके स्थान पर 2008 बैच की आईपीएस अधिकारी रुचि वर्धन रेल एसपी का पद संभालेंगी.

वहीं 1995 बैच के आईपीएस अधिकारी जयदीप प्रसाद को भोपाल रेंज का आईजी बनाया गया है. बताया जा रहा है क अभी सरकार कुछ और सख्त कदम भी उठा सकती है.

हबीबगंज टीआई की पीडि़ता ने की तारीफ

गैंगरेप पीडि़त युवती ने आज घटना के बाद पहली बार कुछ कहा. युवती का कहना है कि एम.पी. नगर व जीआरपी थाने में उसके साथ अभद्रता हुई, जबकि हबीबगंज टीआई रवींद्र यादव ने न केवल पूरी बात सुनी बल्कि एफआईआर के निर्देश भी थाने के स्टाफ को दिये थे.

गौरतलब है कि ‘नवभारत’ ने हबीबगंज थाने का विस्तृत समाचार इस खुलासे के साथ प्रकाशित किया था कि टीआई रवींद्र यादव एफआईआर के लिये तैयार थे, लेकिन किसी अधिकारी के फोन के बाद एफआईआर दर्ज नहीं की गई.

दरिंदों को चौराहे पर फांसी दो

पुलिस की कार्यप्रणाली अमानवीय: पीडि़ता

गैंगरेप पीडि़त युवती रविवार को मीडिया के सामने आई और उसने कहा कि चारों हैवानों को चौराहे पर फांसी दी जाए, तभी उसे महसूस होगा कि कुछ न्याय हुआ है. पीडि़ता पुलिस के व्यवहार को लेकर भी गुस्से में दिखी. उसका कहना था कि पुलिस का व्यवहार बहुत ही बुरा था.

वह एक थाने से दूसरे थाने तक बार-बार चक्कर लगाती रही, लेकिन कोई भी उसकी बात सुनने के लिए तैयार नहीं था. पीडि़ता ने मीडिया से कहा कि निलंबित हुए टीआई हबीबगंज ने मामले को गंभीरता से लिया था और उसकी मदद की थी.

आपबीती सुनाने के दौरान पीडि़ता का गला भी भर आया और रुहांसी हो गई. पीडि़ता ने कहा कि अगर दरिंदे छूट गए तो बाहर आकर फिर इस तरह की घटना करेंगे. पीडि़ता ने कहा कि अगर पुलिस तुरंत एक्शन लेती तो चारों आरोपी उसी दिन पुलिस गिरफ्त में आ जाते.

आरोपियों के पकडऩे की बात पर कहा कि आरोपियों को भी उन्होंने ही पकड़ा.

 

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