नयी दिल्ली,

सरकार ने भोपाल में राष्‍ट्रीय मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य पुनर्वास संस्‍थान (एनआईएमएचआर) स्थापित करने को मंजूरी दे दी है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की आज यहां हुयी बैठक में इस आशय के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गयी। यह संस्‍थान नि:शक्‍त जन सशक्तीकरण विभाग के तहत एक सोसाइटी एक्‍ट, 1860 के तहत स्‍थापित की जाएगी। पहले तीन वर्षों में इस परियोजना पर 179.5 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इसमें 128.54 करोड़ रुपये का गैर आवर्ती व्‍यय और 51 करोड़ रुपये का आवर्ती व्‍यय शामिल है।

मंत्रिमंडल ने इस संस्‍थान के लिए संयुक्‍त सचिव स्‍तर के तीन पदों जिनमें निदेशक का एक पद भी शामिल है, के अलावा प्रोफेसरों के दो पदों को भी मंजूरी दी है।

एनआईएमएचआर का मुख्‍य उद्देश्‍य मानसिक रूप से बीमार व्‍यक्तियों के पुनर्वास की व्‍यवस्‍था करना, मानसिक स्‍वास्‍थ पुर्नवास के क्षेत्र में क्षमता विकास तथा मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य पुनर्वास के लिए नीति बनाना और अनुसंधान को बढ़ावा देना है।

संस्‍थान में नौ विभाग होंगे। इसमें मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य पुनर्वास के क्षेत्र में 12 विषयों में डिप्‍लोमा, सर्टिफिकेट, स्‍नातक, स्‍नातकोत्‍तर और एम.फिल डिग्री सहित 12 तरह के पाठ्यक्रम होंगे। पांच वर्षों के भीतर इस संस्‍था में विभिन्‍न विषयों में दाखिला लेने वाले छात्रों की संख्‍या 400 सौ से ज्‍यादा हो जाने की संभावना है।

मध्‍य प्रदेश सरकार ने संस्‍थान के लिए भोपाल में लिए पांच एकड़ जमीन दी है। यह संस्‍थान दो चरणों में तीन वर्ष के भीतर बनकर तैयार हो जाएगा। पहले दो साल के भीतर संस्‍थान में निर्माण कार्य और बिजली का काम पूरा कर लिया जाएगा। जब तक भवन निर्माण का काम चलेगा तब तक संस्‍थान सर्टिफिकेट और डिप्‍लोमा पाठ्यक्रम चलाने और ओपीडी सेवाएं देने के लिए भोपाल में एक भवन किराये पर लेगा। संस्‍थान मानसिक रोगियों के लिए सभी तरह की पुनर्वास सेवाएं उपलब्‍ध कराने के साथ‍ ही स्‍नातकोत्‍तर और एम.फिल डिग्री तक की शिक्षा की भी व्‍यवस्‍था करेगा।

एनआईएमएचआर देश में मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य के क्षेत्र में अपने किस्‍म का पहला संस्‍थान होगा। मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य के क्षेत्र में क्षमता विकास और पुनर्वास के मामले में यह एक अत्‍याधिक दक्ष संस्‍थान के रूप में काम करेगा और केंद्र सरकार को मानसिक रोगियों के पुनर्वास की प्रभावी व्‍यवस्‍था का मॉडल विकसित करने में मदद करेगा।