bpl3भोपाल,  भोपाल शहर की पहचान अब गैस त्रासदी से नहींं ग्रीन स्मार्ट सिटी के रूप में हैं औैर यहाँ का वातावरण निवेषकोंं के लिए भी उपयुुक्त है क्योंकि भोपाल में अन्य देशों की तरह प्राकृतिक सौंदर्य के साथ अन्य सुविधाएं उपलब्ध है.

यह विचार निगम आयुक्त तेजस्वी एस. नायक ने दो सेंट्रल इंडियाज इंटरनेशनल एजुकेशनल एण्ड स्कील डेवलपमेंट सम्मिट-2016 के समापन अवसर पर व्यक्त किए. सम्मिट के अंंतिम दिन महापौर परिषद के सदस्यों, पार्षदोंं एवं बड़ी संख्या में निगम अधिकारियों ने उपस्थित रहे. महापौैर परिषद के सदस्य कृष्ण मोहन सोनी ने सम्मिट में किए गए विचार मंथन से निकले अमृत का लाभ भोपाल शहर को अवश्य ही मिलेगा.

पार्षद गिरीश शर्मा ने अपने विचार प्रकट करते हुए कहा कि भोपाल में बड़े शिक्षण संस्थान तो बहुत है परन्तु रोजगारमुखी उनमें कोर्सेस नहीं है. साथ ही उन्होंने कहा कि भोपाल के छात्र पढ़ाई करके बाहर कार्य करने जाते हैं. एजुकेशनल हब के साथ-साथ उधोगों को भी बढ़ावा देना होगा.

राजधानी भोपाल में बीएचईएल के अलावा कुछ नहीं हैँ. वहीं पार्षद अमित शर्मा ने कहा कि एजुकेशनल हब केवल एक सपना है. जिसे दिखाया जा रहा है. जिस तरह भोपाल की जनता को संपूर्ण भोपाल को स्मार्ट सिटी बनाने को दिखाया गया था. इसके जरीए विदेशी उधोगपतियों को फायदा पहुंचाया जाएगा.