Members of Saudi civil defense try to rescue pilgrims following a crush caused by large numbers of people pushing at Mina, outside the Muslim holy city of Meccaमीना,  सउदी अरब के पवित्र मक्का शहर के निकट मीना में शैतान को कंकड़ मारने की हज की रस्म के लिए आगे बढऩे के दौरान मची भगदड़ में कम से कम 717 लोगों की मौत हो गई और 860 से अधिक घायल हो गए. घायलों में दो भारतीय नागरिक भी हैं. पिछले एक दशक में हज के दौरान हुई यह सबसे भयावह दुर्घटना है.

सरकारी सउदी प्रेस एजेंसी ने खबर दी है कि शैतान को कंकड़ मारने की रस्म के लिए जमारात जा रहे लोगों की भीड़ अचानक से बढ़ गई जिसके बाद यह हादसा हुआ. यह हादसा भारतीय समयानुसार दिन में 11.30 बजे हुआ. उसने कहा कि यह घटना जमारात को जाने वाले दो रास्तों को जोडऩे वाले स्थान पर हुई. सउदी नागरिक रक्षा प्रशासन का कहना है कि अलग-अलग देशों के 717 हजयात्री मारे गए हैं और 863 लोग घायल हो गए हैं.

यह भगदड़ कुछ ही दिन पहले हुए उस हादसे के बाद हुई है जिसमें मक्का की बड़ी मस्जिद में एक विशाल क्रेन गिरने से 11 भारतीयों समेत 115 लोगों की मौत हो गई थी. मीना में हुई इस भगदड़ के बाद से राहत कार्य चलाया जा रहा है. चश्मदीद लोगों ने बताया कि हादसा मीना के स्ट्रीट 204 के निकट स्थित जमारत ब्रिज के प्रवेशद्वार पर हुआ, उस स्थान पर नहीं जहां शैतान को कंकड़ मारे जाने की रस्म अदा की जाती है. हादसे की जगह पर दो चिकित्सा दल भेजे गए हैं. नागरिक प्रशासन अधिकारियों ने बताया कि हादसे की जगह पर मौजूद उनके दल हजयात्रियों को भगदड़ की जगह से अलग दूसरे रास्तों से आगे भेज रहे हैं.

उन्होंने बताया कि राहत और बचाव अभियान में 4000 लोग जुटे हैं और उनके साथ 220 एंबुलेंस भी हैं. हादसे की जगह से मिले टीवी फुटेज में पूरी जगह पर घायल ही घायल दिखाई पड़ रहे हैं. महिलाएं और वृद्ध चीख-पुकार मचा रहे हैं. हुई भगदड़ में कम से कम 800 से ज्यादा हजयात्री घायल हुए हैं. मीना में पहले भी इस तरह की भगदड़ मच चुकी है और उसमें सैंकड़ों लोग मारे जा चुके हैं.
मीना में 2006 में हज के दौरान शैतान को कंकड़ मारने की रस्म के समय मची ऐसी ही एक भगदड़ में मारे गए 364 लोगों में कम से कम 51 भारतीय भी थे. हजयात्रा इस्लाम के पांच स्तंभों में एक महत्वपूर्ण स्तंभ है जिसे हर उस मुसलमान के लिए जीवन में कम से कम एक बार करना जरूरी है.

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