इन्दौर. व्यापार प्रतिनिधि.
तुवरदाल के बढ़ते भाव से प्रदेश के उपभोक्ताओं को उतनी राहत नहीं मिलेगी, जितनी पड़ोसी तीन रा’यों में मिलेगी. कारण ये है कि प्रदेश सरकार ने दाल मिलों को दी जा रही मंडी शुल्क 2.20 फीसदी की छूट खत्म कर दिया है.

इन दिनों प्याज और तुवर दाल ने केंद्र और रा’य सरकार को हैरान कर रखा है. इन पर काबू पाने में सरकार नाकाम नजर आ रही है, वहीं इससे बढ़ रही महंगाई का खामियाजा उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है.

सरकार संशय में…उद्योग की सोचे कि उपभोक्ताओं की. तुवरदाल की तेजी रोकने के लिए सरकार की ओर से बयान आ रहे हैं कि केंद्र सरकार दाल बाहर से मंगाएगी और उस पर सब्सिडी देगी, वहीं मप्र सरकार ने मिलों को दलहन पर दी जा रही 2.20 फीसदी मंडी शुल्क में छूट खत्म कर दी है. इसलिए अब मिल वाले कह रहे हैं कि अन्य रा’यों की तुलना में मप्र में दालें 2 रुपए किलो महंगी बिकेगी. मप्र दाल मिल एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेश अग्रवाल ने बताया कि 1998 से दाल मिलों को मंडी शुल्क में छूट मिल रही थी. 2001 में मुख्यमंत्री दिग्विजयसिंह ने पांच साल की छूट दी दी. उसके बाद शिवराज सरकार ने 2006 में तीन साल, के बाद 2009 से 1-1 साल की छूट दी थी, लेकिन इस बार इसे सरकार ने आगे नहीं बढ़ाया है.

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