भोपाल,  मध्यप्रदेश में हर व्यक्ति पर औसतन 13 हजार 853 रुपए का कर्ज है। प्रदेश सरकार ने आज विधानसभा में कांग्रेस विधायक रामनिवास रावत के एक सवाल के लिखित जवाब में ये जानकारी दी।

श्री रावत ने वित्त मंत्री जयंत मलैया से 31 मार्च 2014, 31 मार्च 2015 व 31 मार्च 2016 की स्थिति में प्रदेश शासन पर चढे कर्ज की जानकारी मांगी थी। उन्होंने 31 मार्च, 2017 तक शासन पर संभावित कर्ज और इन्हीं समयसीमाओं में प्रदेश के प्रत्येक व्यक्ति पर औसतन कर्ज के बारे में भी पूछा था।

कांग्रेस विधायक के सवाल के जवाब में श्री मलैया ने बताया कि 31 मार्च 2014 को प्रदेश सरकार पर 77 हजार 413.87 करोड़, 31 मार्च 2015 को 94 हजार 979.16 करोड़ और 31 मार्च 2016 को एक लाख 11 हजार 101.10 करोड़ रुपए का कर्ज था। 31 मार्च 2017 को प्रदेश सरकार पर कर्ज की स्थिति नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक द्वारा प्रेषित वित्तलेखों से स्पष्ट होगी।

सवाल में सरकार से अप्रैल 2016 से जनवरी 2017 तक लिए गए कर्ज के बारे में भी जानकारी मांगी गई थी, जिसके बारे में जवाब में कहा गया है कि इस दौरान कर्ज लिया गया है, लेकिन अभी वित्त लेखा तैयार किए जाने के चलते इसका विवरण दिया जाना संभव नहीं है।

जवाब में बताया गया है कि वर्ष 2011 में प्रदेश की जनगणना 7.26 करोड़ थी। जनगणना की वार्षिक वृद्धि दर 2.03 प्रतिशत के हिसाब से वर्ष 2016 में प्रदेश की अनुमानित जनगणना 8.02 करोड़ आकलित है। 31 मार्च 2016 को प्रदेश पर कर्ज के अनुमान से उस दिनांक को प्रति व्यक्ति कर्ज लगभग 13 हजार 853 रुपए है, 31 मार्च 2017 की स्थिति के वित्तलेखे महालेखाकार से प्राप्त नहीं होने के चलते कर्ज की गणना करना संभव नहीं है।

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